चंकी पांडे का बॉलीवुड सफर: 'आग ही आग' के 39 साल पूरे होने पर यादें ताजा
सारांश
Key Takeaways
- चंकी पांडे का अभिनय करियर 'आग ही आग' से शुरू हुआ।
- फिल्म ने चंकी को बॉलीवुड में एक नई पहचान दी।
- 'आग ही आग' एक सुपरहिट एक्शन-ड्रामा फिल्म थी।
- फिल्म की कहानी एक फौजी और उसके बेटे के रिश्ते पर आधारित है।
- बप्पी लहिरी का संगीत इस फिल्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
मुंबई, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता चंकी पांडे अपने हास्यपूर्ण अंदाज के लिए फैंस के बीच मशहूर हैं। उन्होंने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत 'आग ही आग' नामक फिल्म से की थी। आज इस फिल्म को रिलीज हुए 39 वर्ष पूरे हो चुके हैं।
इस विशेष अवसर पर चंकी पांडे ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर फिल्म का एक सीन साझा कर पुरानी यादों को ताजा किया। उन्होंने लिखा, "फिल्म 'आग ही आग' के माध्यम से मैंने अभिनय की दुनिया में पहला कदम रखा था। आज इस फिल्म को रिलीज हुए 39 वर्ष हो गए हैं।"
फिल्म 'आग ही आग' 1987 में प्रदर्शित हुई थी। इस मल्टी-स्टारर फिल्म में चंकी पांडे के साथ कई प्रमुख कलाकार भी शामिल थे। इस फिल्म ने चंकी को बॉलीवुड में एक नई पहचान दिलाई।
'आग ही आग' (1987) एक सुपरहिट बॉलीवुड एक्शन-ड्रामा फिल्म थी, जिसका निर्देशन शिबू मित्रा ने किया था। इस फिल्म में धर्मेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा, चंकी पांडे, नीलम, मौसमी चटर्जी और डैनी डेन्जोंगपा ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। यह फिल्म भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ एक फौजी की लड़ाई और बाप-बेटे के रिश्तों पर आधारित थी।
इस फिल्म की कहानी सेना अधिकारी बहादुर सिंह (धर्मेंद्र) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बहन के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या के बाद भ्रष्ट पुलिस से निराश होकर डाकू बन जाता है और अपना नाम शेर सिंह रखता है। कहानी में तब मोड़ आता है, जब उसका बेटा विजय अपने पिता के अतीत से टकराता है।
फिल्म का संगीत बप्पी लहिरी ने दिया था। इसमें 'हर कोई चाहता है' और 'आसमान तू मेरी जिंदगी है' जैसे गाने बेहद लोकप्रिय रहे थे। यह 1987 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक थी, जिसने चंकी पांडे को बॉलीवुड में स्थापित किया। फिल्म में जोरदार डायलॉग और एक्शन दृश्यों का मिश्रण था, जो इसे सफल बनाने में सहायक रहा।