कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में अप्रेंटिस के 6 पदों पर भर्ती, 30 अक्टूबर 2026 तक करें आवेदन
सारांश
मुख्य बातें
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) ने सीएसएल-एएन शिप रिपेयर यूनिट (CANSRU), श्री विजय पुरम के लिए एक वर्षीय अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह अवसर केवल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के निवासी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और डिप्लोमा धारकों के लिए है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
उपलब्ध पद और रिक्तियाँ
CSL की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, कुल 6 पद उपलब्ध हैं जो निम्नलिखित श्रेणियों में हैं:
ग्रेजुएट अप्रेंटिस (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग) — 1 पद; तकनीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) — 3 पद; तकनीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) — 1 पद; और तकनीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) — 1 पद।
पात्रता और आयु सीमा
आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित विषय में इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएशन अथवा डिप्लोमा की डिग्री होना अनिवार्य है। उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, जिसकी गणना 30 अक्टूबर 2026 की तिथि के आधार पर की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थियों को सर्वप्रथम NATS (National Apprenticeship Training Scheme) पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत करना होगा। इसके पश्चात कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 30 अक्टूबर 2026 तक या उससे पहले पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
चयन प्रक्रिया और स्टाइपेंड
योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की स्क्रीनिंग, मेरिट-आधारित शॉर्टलिस्टिंग, दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल फिटनेस परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षुओं को मासिक स्टाइपेंड के रूप में ग्रेजुएट अप्रेंटिस को ₹15,000 तथा तकनीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस को ₹13,000 प्रति माह दिए जाएंगे।
आगे क्या करें
उम्मीदवारों को भर्ती, पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य विवरणों के लिए CSL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित विस्तृत अधिसूचना अवश्य पढ़नी चाहिए। गौरतलब है कि यह भर्ती विशेष रूप से अंडमान और निकोबार के स्थानीय इंजीनियरिंग पेशेवरों को समुद्री क्षेत्र में व्यावसायिक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करती है, जो इस द्वीप समूह की तकनीकी कार्यबल क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।