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दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 50,000 का इनामी ड्रग सिंडिकेट सरगना कुसुम गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 50,000 का इनामी ड्रग सिंडिकेट सरगना कुसुम गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिले की विशेष टीम ने 50,000 रुपए का इनाम घोषित अपराधी कुसुम को गिरफ्तार किया है। वह एक संगठित ड्रग सिंडिकेट की सरगना थी और लंबे समय से फरार थी। जानिए इस गिरफ्तारी के पीछे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

कुसुम एक 50,000 रुपए का इनामी अपराधी है।
वह एक संगठित ड्रग सिंडिकेट की प्रमुख है।
पुलिस ने दो महीने की गहन जांच के बाद उसे गिरफ्तार किया।
कुसुम का परिवार भी ड्रग तस्करी में सक्रिय रहा है।
यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर में ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई है।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस के शाहदरा जिले की विशेष टीम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 50,000 रुपए का इनाम घोषित अपराधी कुसुम को गिरफ्तार किया है। कुसुम (54 वर्ष) एक संगठित ड्रग सिंडिकेट की प्रमुख सरगना है और काफी समय से फरार थी।

पुलिस के अनुसार, कुसुम पर मकोका एक्ट के तहत इनाम घोषित था और उसे रोहिणी कोर्ट ने भगोड़ा करार दिया था। उसका पूरा परिवार ड्रग तस्करी में संलग्न रहा है। उसकी दो बेटियां, दीपा और चीकू, पहले ही मकोका के तहत गिरफ्तार हो चुकी हैं।

शाहदरा जिले की विशेष टीम ने लगभग दो महीने तक एक गहन ऑपरेशन चलाया, जिसमें 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और 100 से ज्यादा मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स की समीक्षा की गई। दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई।

9 अप्रैल 2026 को एक गुप्त सूचना मिलने पर टीम ने तुरंत कार्रवाई की। गिरफ्तारी के समय कुसुम ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे सफलतापूर्वक काबू कर लिया।

पूछताछ में यह सामने आया कि कुसुम स्मार्टफोन का उपयोग कम करती थी और बार-बार अपना फोन, सिम कार्ड और स्थान बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश करती थी। उसके नेटवर्क में परिवार के कई सदस्य शामिल थे, जिसमें उसका भाई हरिओम और साथी रवि भी शामिल हैं।

कुसुम का आपराधिक इतिहास बहुत लंबा है। वह एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामलों में शामिल रही है, जिसमें सुल्तानपुरी, छावला, बवाना, राजपार्क और क्राइम ब्रांच के पुराने मामले शामिल हैं।

गिरफ्तारी में शामिल टीम में एसआई इस्माइल, एएसआई सुल्तान, एएसआई नजीर, एएसआई प्रमोद, महिला हेड कांस्टेबल मिथलेश, कांस्टेबल शाहिद और कांस्टेबल लवप्रीत शामिल थे। इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व इंस्पेक्टर महेश कसाना ने किया, जबकि एसीपी मोहिंदर सिंह (ऑपरेशन सेल) और डीसीपी शाहदरा की निगरानी में कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा (आईपीएस) ने इस उपलब्धि पर टीम की सराहना की और कहा कि यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय संगठित ड्रग सिंडिकेट पर एक बड़ी चोट है। पुलिस अब कुसुम के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने और अन्य सदस्यों को पकड़ने की दिशा में आगे की जांच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दिल्ली-एनसीआर में ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संकेत भी देती है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुसुम पर कौन से आरोप हैं?
कुसुम पर एनडीपीएस एक्ट और मकोका एक्ट के तहत कई आरोप हैं, जिसमें उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।
गिरफ्तारी के दौरान क्या हुआ?
गिरफ्तारी के समय कुसुम ने भागने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उसे तुरंत काबू कर लिया।
इस ऑपरेशन में पुलिस ने क्या किया?
पुलिस ने लगभग दो महीने तक गहन ऑपरेशन चलाया, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल रिकॉर्ड्स की जांच की गई।
क्या कुसुम का परिवार भी ड्रग तस्करी में शामिल था?
हां, कुसुम का पूरा परिवार ड्रग तस्करी में सक्रिय था, जिसमें उसकी बेटियां भी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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