क्या दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मोबाइल फोन चोरी करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया? 9 हाई-एंड फोन बरामद
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सफल ऑपरेशन किया।
- 9 हाई-एंड चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए।
- गिरफ्तार युवक खत्री बिंद है।
- पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
- समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना आवश्यक है।
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने चोरी या छीने गए मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के धंधे में शामिल एक युवक को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई में नौ महंगे चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।
एसीपी सुनील श्रीवास्तव की देखरेख में कार्यरत ईआर-1, क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ने किया, जिसमें एसआई संजय त्यागी, एएसआई विनय त्यागी, हेड कांस्टेबल महताब, मोहित, अजय, तरुण, बिट्टू, देवेंद्र, कांस्टेबल दीपक और महिला कांस्टेबल अनुप्रिया शामिल थे।
खुफिया सूचना मिलने पर टीम ने लाहौरी गेट के नया बाजार इलाके में निगरानी शुरू की। सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से नौ हाई-एंड मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी जांच में पता चला कि ये सभी चोरी या छीने गए थे।
पिछले साल जून में इसी टीम ने ताना बिंद नाम के एक आरोपी को 29 चोरी के मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय छापेमारी में मौजूदा आरोपी का पता नहीं चल सका था। लेकिन टीम ने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखे। लगभग सात महीने बाद आरोपी के भाई खत्री बिंद को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि बरामद फोन चोरी के थे और वह चोरी या छीने गए मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के रैकेट में शामिल था। आरोपी का नाम खत्री बिंद है, उम्र 20 साल, पिता का नाम हेती बिंद और पता नया बाजार, लाहौरी गेट, दिल्ली है।
इस गिरफ्तारी से दिल्ली के कई थानों में दर्ज चोरी के मामले सुलझे हैं। पुलिस अब बाकी फोन को उनके असली मालिकों तक पहुंचाने और इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) विक्रम सिंह ने कहा कि समय पर मिली सूचना, टीम का बेहतरीन तालमेल और लगातार प्रयासों से चोरी के मोबाइल फोन के इस धंधे को बड़ा झटका लगा है। जांच अभी भी जारी है।