धर्मनगर उपचुनाव मतगणना: तीन स्तरीय सुरक्षा तैनात, 4 मई को होगी 55 ईवीएम की गिनती
सारांश
Key Takeaways
उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र में 9 अप्रैल को संपन्न उपचुनाव की मतगणना 4 मई से शुरू होने से पहले प्रशासन ने तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है। अधिकारियों के अनुसार, मतगणना केंद्र पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), त्रिपुरा स्टेट राइफल्स और राज्य पुलिस के कर्मियों की पर्याप्त तैनाती की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था का ब्यौरा
उत्तरी त्रिपुरा की जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर चांदनी चंद्रन और रिटर्निंग ऑफिसर देबजानी चौधरी ने बताया कि मतगणना केंद्र और उसके आसपास तीन स्तरों पर सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत मतगणना केंद्र के 100 मीटर के दायरे में 4 मई को सुबह 6 बजे से मतगणना समाप्त होने तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही, सार्वजनिक सभाओं और हथियारों के ले जाने पर पूर्ण रोक रहेगी। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और आपातकालीन सेवाओं को इस आदेश से छूट दी गई है।
मतगणना की प्रक्रिया
धर्मनगर उपमंडल के उप-मंडल मजिस्ट्रेट चौधरी ने जानकारी दी कि जिला मुख्यालय स्थित मतगणना केंद्र में 14 मतगणना टेबल स्थापित किए गए हैं। 55 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में दर्ज मतों की गिनती चार चरणों में की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट ने मतगणना प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने के लिए पहले ही कई समीक्षा बैठकें आयोजित की हैं।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
9 अप्रैल को हुए इस उपचुनाव में 46,142 पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 80 प्रतिशत ने मतदान किया, जिनमें 23,758 महिला मतदाता शामिल थीं। यह उपचुनाव मौजूदा विधायक एवं त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन के कारण आवश्यक हुआ था। सेन का 26 दिसंबर को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
गौरतलब है कि बिस्वा बंधु सेन त्रिपुरा विधानसभा के लिए चार बार निर्वाचित हुए थे — 2008 और 2013 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में, और 2018 तथा 2023 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार के रूप में।
प्रमुख उम्मीदवार और राजनीतिक समीकरण
इस बहुकोणीय मुकाबले में छह उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रमुख दावेदारों में BJP के जहर चक्रबोर्ती, कांग्रेस के चयन भट्टाचार्य और सीपीआई-एम नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के अमिताभ दत्ता शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब 2008 से धर्मनगर सीट कांग्रेस या BJP का गढ़ रही है — सीपीआई-एम ने आखिरी बार 2003 में यह सीट जीती थी।
आगे क्या
मतगणना के परिणाम उत्तरी त्रिपुरा में राजनीतिक शक्ति संतुलन का संकेत देंगे और यह तय करेंगे कि BJP अपनी पकड़ बनाए रखती है या विपक्ष सेंध लगाने में सफल होता है। प्रशासन ने पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतगणना का आश्वासन दिया है।