फिच रेटिंग्स ने एपीएसईजेड और एईएसएल का आउटलुक 'स्टेबल' क्यों किया?

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फिच रेटिंग्स ने एपीएसईजेड और एईएसएल का आउटलुक 'स्टेबल' क्यों किया?

सारांश

फिच रेटिंग्स ने अदाणी पोर्ट्स और अदाणी एनर्जी का आउटलुक 'स्टेबल' किया है। यह निर्णय अदाणी ग्रुप की फंडिंग क्षमताओं में सुधार के कारण किया गया है। जानिए इस बदलाव के पीछे के कारण और अदाणी ग्रुप की वित्तीय स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

फिच रेटिंग्स ने अदाणी ग्रुप का आउटलुक 'स्टेबल' किया।
अदाणी ग्रुप ने फंडिंग क्षमता में सुधार किया है।
एपीएसईजेड भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट ऑपरेटर है।
अदाणी ग्रुप विभिन्न फंडिंग सोर्स तक पहुंच बढ़ा रहा है।
अदाणी एनर्जी की वित्तीय स्थिति स्थिर है।

नई दिल्ली, 4 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। फिच रेटिंग्स ने अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) का आउटलुक 'नेगेटिव' से बदलकर 'स्टेबल' कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि अदाणी ग्रुप ने विभिन्न फंडिंग सोर्स तक अपनी पहुंच स्थापित की है।

फिच ने अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (एईएमएल) के सीनियर सिक्योर्ड नोट्स और एईएसएल की सहायक कंपनी, अदाणी ट्रांसमिशन स्टेप-वन लिमिटेड द्वारा जारी एईएसएल-गारंटीड सीनियर सिक्योर्ड नोट्स पर 'बीबीबी-' रेटिंग बनाए रखी है।

फिच का मानना है कि एपीएसईजेड से जुड़े जोखिम कम हैं, जैसा कि स्टेबल आउटलुक में दर्शाया गया है। फिच का मानना है कि अदाणी ग्रुप ने पिछले वर्ष नवंबर में अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के कुछ बोर्ड सदस्यों के खिलाफ अमेरिका में लगे आरोपों के बावजूद विभिन्न फंडिंग सोर्स तक पहुंच बनायी है।

अदाणी ग्रुप लगातार प्रोजेक्ट्स में निवेश कर रहा है, जिसके साथ वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कैपेक्स में वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने इस वर्ष सितंबर में यह बताया है कि अदाणी ग्रुप ने रेगुलेटरी डिस्क्लोजर नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, और न ही 2023 में आई एक शॉर्ट सेलर रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों के अनुसार बाजार में कोई हेरफेर किया है।

फिच के नोट में कहा गया है, "हम उम्मीद करते हैं कि लिक्विडिटी और फंडिंग एपीएसईजेड की रेटिंग के अनुसार बनी रहेगी, जिसमें फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी इसके कैश फ्लो से समर्थन पाएगी, जो मजबूत पोर्टफोलियो, कैपेक्स फ्लेक्सिबिलिटी और प्रदर्शित क्रेडिट मार्केट एक्सेस से संचालित होती है।"

नोट में आगे कहा गया है, "हम फाइनेंशियल प्रोफाइल को एपीएसईजेड की 'बीबीबी-' रेटिंग की तुलना में मजबूत मानते हैं, जो भारत की (बीबीबी-/स्टेबल) कंट्री सीलिंग 'बीबीबी-' से सीमित है। एपीएसईजेड भौगोलिक रूप से विभिन्न पोर्ट लोकेशन, उन्नत इंटरमॉडल कनेक्टिविटी, ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहतरीन संचालन क्षमता का लाभ उठाता है। इसके पास विभिन्न प्रकार के कार्गो को संभालने के लिए एक व्यापक और उन्नत इन्फ्रास्ट्रक्चर है।

एपीएसईजेड भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट ऑपरेटर है। यह 15 ऑपरेशनल पोर्ट और टर्मिनल के माध्यम से भारत के समुद्री कार्गो का एक चौथाई हिस्सा संभालता है, जिनमें से अधिकांश अपने-अपने क्षेत्रों में प्राइमरी पोर्ट के रूप में कार्य करते हैं।

एपीएसईजेड के उन्नत इन्फ्रास्ट्रक्चर, संचालन क्षमता और एकीकृत रेल लॉजिस्टिक्स ने बाजार हिस्सेदारी में बढ़त और थ्रूपुट वृद्धि को प्रोत्साहित किया है।

फिच रेटिंग्स ने अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का आउटलुक भी नेगेटिव से रिवाइज कर स्टेबल कर दिया है और इसकी लॉन्ग-टर्म फॉरेन- और लोकल-करेंसी इश्यूअर डिफॉल्ट रेटिंग को 'बीबीबी-' पर बनाए रखा है।

फिच का मानना है कि अमेरिकी जांच से एईएसएल और एईएमएल के लिए जोखिम कम हो गया है, क्योंकि आरोपों के बाद से उन्होंने अलग-अलग फंडिंग सोर्स तक पहुंच दिखाई है।

फिच के नोट के अनुसार, "अदाणी ग्रुप की कंपनियों ने विभिन्न ऑनशोर और ऑफशोर लेंडर्स से 24 बिलियन यूएस डॉलर से अधिक जुटाने के बाद भी अमेरिका में आरोप लगने के बावजूद पर्याप्त फंडिंग तक पहुंच दिखाई है। एईएसएल ने पिछले वर्ष नवंबर से अपने कैपेक्स को फंड करने के लिए घरेलू बैंकों और रुपए बॉंड मार्केट से 1.6 बिलियन यूएस डॉलर और विदेशी बैंकों से 200 मिलियन यूएस डॉलर उधार लिए हैं।"

एईएसएल और एईएमएल की क्रेडिट प्रोफाइल को एक स्थिर और अनुकूल रेगुलेटरी एनवायरमेंट से लाभ मिलता है। एईएमएल के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट से राजस्व और एईएसएल के कॉस्ट-प्लस टैरिफ फ्रेमवर्क एसेट्स से लॉन्ग-टर्म कैश फ्लो की निश्चितता और स्थिरता मिलती है।

नोट में कहा गया है, "हमारा मानना है कि एईएसएल के टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (टीबीसीबी) फ्रेमवर्क एसेट्स कॉस्ट-प्लस मॉडल की तुलना में कम सुरक्षा प्रदान करते हैं।"

एईएसएल भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट-सेक्टर पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में से एक है, जिसके पास देश के 14 राज्यों में ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हैं। यह एईएमएल की 74.9 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है। वहीं, एईएमएल मुंबई के 85 प्रतिशत हिस्से को कवर करने वाली पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें सतर्क रहना चाहिए कि भविष्य में कोई भी विकास या जांच इस स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिच रेटिंग्स ने अदाणी ग्रुप का आउटलुक क्यों बदला?
फिच रेटिंग्स ने अदाणी ग्रुप का आउटलुक इसलिए बदला क्योंकि ग्रुप ने विभिन्न फंडिंग सोर्स तक अपनी पहुंच बनायी है।
एपीएसईजेड भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट ऑपरेटर क्यों है?
एपीएसईजेड भारत के समुद्री कार्गो का एक चौथाई हिस्सा संभालता है और इसके पास 15 ऑपरेशनल पोर्ट हैं।
फिच की रेटिंग्स का अदाणी ग्रुप पर क्या असर होगा?
फिच की रेटिंग्स अदाणी ग्रुप की वित्तीय स्थिति को दर्शाती हैं, जो निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकते हैं।
क्या अदाणी ग्रुप के खिलाफ कोई जांच चल रही है?
हालांकि कुछ आरोप लगे हैं, फिच ने पुष्टि की है कि अदाणी ग्रुप ने रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन नहीं किया है।
एईएसएल की वित्तीय स्थिति कैसी है?
एईएसएल की वित्तीय स्थिति स्थिर है और इसे एक अनुकूल रेगुलेटरी वातावरण से लाभ मिलता है।
राष्ट्र प्रेस
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