क्या गौतमबुद्ध नगर में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है? सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे विद्यालय, दिल्ली में हाइब्रिड मोड लागू
सारांश
Key Takeaways
- स्कूलों की समय-सारणी में बदलाव छात्रों की सुरक्षा के लिए है।
- नई टाइमिंग सुबह 10 बजे से 3 बजे तक है।
- दिल्ली में हाइब्रिड मोड लागू किया गया है।
- बच्चों की स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
- इस निर्णय का विशाल प्रभाव पड़ेगा।
नोएडा, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण और कड़ाके की ठंड को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों की समय-सारणी में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जिला अधिकारी गौतमबुद्ध नगर के निर्देशों के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा इस विषय में आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
दिल्ली में भी हाइब्रिड मोड का लागू किया गया है, जो नवीं से 12वीं कक्षा के छात्रों पर लागू होगा। बीएसए द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जनपद गौतमबुद्ध नगर में संचालित सभी विद्यालयों, जिनमें परिषदीय, अशासकीय, राजकीय विद्यालय और विभिन्न बोर्ड जैसे सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी और यूपी बोर्ड शामिल हैं, में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन 19 जनवरी 2026 से आगामी आदेश तक सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाएगा।
यह आदेश घने कोहरे, अत्यधिक ठंड और प्रदूषण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन का मानना है कि सुबह के समय अत्यधिक ठंड और कम दृश्यता के कारण छात्रों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर राहुल पंवार द्वारा जारी किया गया है, जिसमें आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आदेश की प्रतिलिपि जिला अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिला अधिकारी प्रशासन, नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सूचना अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रधानाचार्यों को भेजी गई है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी प्रदूषण और ठंड को देखते हुए हाइब्रिड मोड लागू किया गया है। इसके तहत ऊपरी कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र यदि चाहें तो स्कूल आ सकते हैं, अन्यथा उन्हें घर से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी गई है। इससे अभिभावकों और छात्रों को परिस्थितियों के अनुसार विकल्प मिल सकेगा।