गोवा: बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश के बाद चुनाव आयोग ने पोंडा उपचुनाव की अधिसूचना रद्द की
सारांश
Key Takeaways
- पोंडा उपचुनाव की अधिसूचना रद्द की गई है।
- यह निर्णय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार है।
- रवि नाइक परिवार का पोंडा सीट पर प्रभाव है।
पणजी, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गोवा विधानसभा के २१-पोंडा विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्धारित उपचुनाव को अचानक रद्द कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने बुधवार को अपनी अधिसूचना में १६ मार्च २०२६ की पुरानी अधिसूचना को पूरी तरह से रद्द कर दिया।
यह निर्णय बॉम्बे उच्च न्यायालय के ८ अप्रैल २०२६ के आदेश के अनुसार लिया गया है। न्यायालय ने तीन याचिकाओं के आधार पर चुनाव आयोग की अधिसूचना को शून्य और अमान्य घोषित कर दिया था।
पोंडा सीट पर पूर्व विधायक रवि नाइक के १५ अक्टूबर २०२५ को निधन के बाद रिक्त हुई सीट को भरने के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया आरंभ की गई थी। चुनाव आयोग ने १६ मार्च को अधिसूचना जारी कर ९ अप्रैल को मतदान की तारीख तय की थी, लेकिन उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इस पूरी प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया।
चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, गोवा को निर्देशित किया है कि वे इस अधिसूचना को राज्य सरकार के राजपत्र के असाधारण अंक में तुरंत प्रकाशित करें और प्रकाशन के बाद तीन प्रतियां आयोग को भेजें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पोंडा उपचुनाव से संबंधित रिटर्निंग अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और अन्य सभी निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की गई अब तक की कार्यवाहियां भी शून्य और अमान्य घोषित की गई हैं।
वर्तमान में पोंडा सीट पर उपचुनाव का नया कार्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है। चुनाव आयोग अब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए आगे की प्रक्रिया का निर्धारण करेगा।
यह घटना गोवा की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पोंडा सीट पर पिछले कई वर्षों से रवि नाइक परिवार का प्रभाव रहा है। उपचुनाव के रद्द होने से सभी राजनीतिक दलों की रणनीति पर भी प्रभाव पड़ेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, गोवा को उच्च न्यायालय के आदेश और चुनाव आयोग की नई अधिसूचना के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।