क्या गोंडा और काशी में तीज की धूम भक्तिमय माहौल बना रही है?

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क्या गोंडा और काशी में तीज की धूम भक्तिमय माहौल बना रही है?

सारांश

गोंडा और काशी में तीज के अवसर पर भक्तों का अद्वितीय दृश्य देखने को मिल रहा है। लाखों कांवड़ियों का सैलाब शिवालयों में उमड़ रहा है। जलाभिषेक का यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रशासन की उत्कृष्ट व्यवस्था भी प्रशंसा का विषय है। जानिए कैसे भक्तों ने इस पर्व को खास बनाया।

Key Takeaways

  • गोंडा और काशी में तीज का भक्तिमय माहौल।
  • लाखों कांवड़ियों का जलाभिषेक।
  • सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम।
  • हरतालिका तीज का विशेष महत्व।
  • भक्ति और आस्था का अनोखा संगम।

गोंडा, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में कजरी तीज के पावन पर्व पर भगवान शिव की भक्ति का अद्वितीय दृश्य देखने को मिल रहा है। जिले भर के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए लाखों कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। ऐतिहासिक बाबा पृथ्वीनाथ मंदिर और दुखहरण नाथ मंदिर में भक्तों की भीड़ सुबह से ही उमड़ रही है। "हर हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से पूरा जिला भक्तिमय हो गया है। कांवड़िए सरयू नदी से पवित्र जल भरकर इन मंदिरों में पहुंच रहे हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार, इस बार करीब 15 लाख से अधिक कांवड़ियों के पहुंचने की उम्मीद है। अब तक 10 लाख से ज्यादा भक्त जलाभिषेक कर चुके हैं। दुखहरण नाथ मंदिर के बाहर भक्तों की दो किलोमीटर लंबी कतार लगी है, जहां सभी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। न केवल गोंडा, बल्कि बाराबंकी, अयोध्या, बलरामपुर, basti और पश्चिमी जिलों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। भक्तों का कहना है कि बाबा दुखहरण नाथ में उनकी गहरी आस्था है और जलाभिषेक से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। सड़कों पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई है। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल और अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार रावत स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। एएसपी रावत ने बताया कि रात 12 बजे से शुभ मुहूर्त में जलाभिषेक शुरू हुआ और भक्त पूरे उत्साह के साथ शिवालयों में जलाभिषेक कर रहे हैं। सरयू घाट से मंदिर तक भारी पुलिस बल तैनात है, ताकि भक्तों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे और सदर भाजपा विधायक प्रतीक भूषण सिंह भी सरयू घाट से जल लेकर 30 किलोमीटर पैदल चलकर दुखहरण नाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ भगवान का जलाभिषेक किया और अपने माता-पिता के स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की।

विधायक ने कहा कि योगी सरकार ने इस बार शानदार व्यवस्था की है, जिसके चलते इतनी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि विपक्ष को योगी सरकार की व्यवस्था से सीखना चाहिए।

दूसरी ओर, शिव की नगरी काशी में हरतालिका तीज का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पंचगंगा घाट स्थित मंगला गौरी मंदिर में सुहागिन और कुंवारी महिलाओं की भारी भीड़ माता के दर्शन के लिए उमड़ रही है। मान्यता है कि इस दिन माता मंगला गौरी के दर्शन से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है, जबकि कुंवारी कन्याओं को भगवान शिव जैसे वर की प्राप्ति होती है।

श्रद्धालु ममता रस्तोगी ने बताया कि वे निर्जला व्रत रखकर माता के दर्शन करने आई हैं और इस पर्व से उन्हें अपार खुशी मिलती है। मंदिर के पुजारी मयंक पांडेय ने कहा कि हरतालिका तीज पर माता का विशेष पूजन किया जाता है और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाता है। उनका कहना है कि इस व्रत से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

श्रद्धालु गुंजन रस्तोगी ने बताया कि इस दिन सुहागिन और कुंवारी कन्याएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं, जिससे उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं। मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। कजरी तीज और हरतालिका तीज के इस पावन अवसर पर गोंडा और काशी में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। भक्तों का उत्साह और प्रशासन की चुस्त व्यवस्था इस पर्व को और भी खास बना रही है।

Point of View

बल्कि सामाजिक एकता का भी संदेश देता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

कजरी तीज का क्या महत्व है?
कजरी तीज का महत्व महिलाओं के लिए विशेष है, यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र का प्रतीक है।
गोंडा में कितने कांवड़िए जलाभिषेक कर चुके हैं?
गोंडा में अब तक 10 लाख से ज्यादा कांवड़ियों ने जलाभिषेक कर लिया है।
हरतालिका तीज पर क्या विशेष पूजा होती है?
हरतालिका तीज पर माता मंगला गौरी का विशेष पूजन किया जाता है, जिससे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
गोंडा में भक्तों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
गोंडा में भक्तों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर आवागमन प्रतिबंधित है और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई है।
कजरी तीज और हरतालिका तीज में क्या समानता है?
दोनों पर्वों में भक्तों की भक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है।