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क्या जीएसटी दर में कटौती की घोषणा एक स्वागत योग्य कदम है? प्रसन्ना आचार्य

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क्या जीएसटी दर में कटौती की घोषणा एक स्वागत योग्य कदम है? प्रसन्ना आचार्य

सारांश

भुवनेश्वर में बीजद नेता प्रसन्ना आचार्य ने जीएसटी दर में कटौती की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने इसे आम लोगों के लिए लाभकारी बताया और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के व्यापारिक नीतियों पर सवाल उठाए। जानिए उनके विचारों को इस लेख में।

मुख्य बातें

जीएसटी दर में कटौती से आम लोगों को राहत मिलेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों पर भारत को सावधानी बरतनी चाहिए।
घरेलू बाजार को मजबूत करना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी का भरोसा बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
व्यापारिक संबंधों में संतुलन बनाना जरूरी है।

भुवनेश्वर, 21 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नेता और विधानसभा में विपक्ष के उपनेता प्रसन्ना आचार्य ने केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दर में कटौती की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आम लोगों को लाभ होगा।

उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में सवाल उठाए।

प्रसन्ना आचार्य ने कहा, "जीएसटी में किसी भी प्रकार की कटौती स्वाभाविक रूप से लोगों के लिए फायदेमंद है। 22 सितंबर से लागू होने वाला संशोधित स्लैब उपभोक्ताओं पर बोझ कम करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी लोगों से इस कदम पर भरोसा बनाए रखने की अपील की है। इससे निश्चित रूप से 'स्वदेशी अभियान' को बल मिलेगा।"

साथ ही, प्रसन्ना आचार्य ने आगाह किया कि भारत को अपनी वैश्विक व्यापार नीतियों में सावधानी बरतनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया। इसका असर भारतीय उत्पादकों के लिए विनाशकारी हो सकता था और हमें अपने बाजार की रक्षा करनी चाहिए। भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और अपने आप में एक विशाल बाजार है। ऐसे में हमें अपने घरेलू बाजार को मजबूत करना चाहिए। अपने उपभोक्ताओं को राहत देना हमारा कर्तव्य है।"

प्रसन्ना आचार्य ने प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तथाकथित दोस्ती पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, "पीएम मोदी हमेशा कहते हैं कि ट्रंप उनके दोस्त हैं और खुशी-खुशी उनसे हाथ मिलाते एवं गले मिलते नजर आते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ट्रंप लगातार भारतीय हितों के खिलाफ काम करते रहे हैं। उन्होंने टैरिफ बढ़ा दिए और एच-1बी वीजा नियमों को भी कड़ा कर दिया, जिससे भारतीय युवाओं को वर्क परमिट के लिए लगभग एक करोड़ रुपए चुकाने पड़े। क्या यही दोस्ती है? भारत को मजबूती से खड़ा होना चाहिए और ऐसी कार्रवाई का मुकाबला करना चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वैश्विक व्यापार में हमारे स्थान को भी प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी दर में कटौती का आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
जीएसटी में कटौती से आम लोगों पर वित्तीय बोझ कम होगा और यह उपभोक्ताओं के लिए राहत का कारण बनेगा।
प्रसन्ना आचार्य ने अमेरिका के व्यापार नीति पर क्या कहा?
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाने की निंदा की और इसे भारतीय उत्पादकों के लिए नुकसानदायक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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