क्या पलवल को मिली मेट्रो की सौगात? केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, 4,320 करोड़ की परियोजना से जुड़ेगा एनसीआर
सारांश
Key Takeaways
पलवल, 26 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के पलवल जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। केंद्र सरकार ने मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह ऐतिहासिक निर्णय हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। केंद्र सरकार के शहरी विकास एवं आवासन मंत्रालय ने पलवल तक मेट्रो विस्तार की योजना को हरी झंडी दी है। इस मेट्रो परियोजना की लागत लगभग 4,320 करोड़ रुपए होगी।
गौरव गौतम ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मेट्रो विस्तार पलवल के निवासियों के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि वह काफी समय से पलवल में मेट्रो संचालन के लिए प्रयासरत थे। इस संदर्भ में उन्होंने केंद्रीय शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल से कई बार मुलाकात की और पलवल तक मेट्रो विस्तार की मांग की। उनकी निरंतर पहल की वजह से परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
गौरव गौतम ने कहा कि मेट्रो विस्तार से दिल्ली-फरीदाबाद-पलवल के बीच यात्रा करने वालों को बेहतर परिवहन विकल्प प्राप्त होगा। वर्तमान में पलवल से दिल्ली और फरीदाबाद तक यात्रा करने वालों को भारी जाम और समय की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसे मेट्रो काफी हद तक कम करेगी। इसके अलावा, मेट्रो आने से दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-19) पर वाहनों का दबाव भी घटेगा। इसके साथ ही केएमपी-केजीपी एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से पहले से जुड़े पलवल अब और अधिक सुलभ बन जाएगा। इससे यह क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर के सबसे पसंदीदा निवेश और आवासीय गंतव्यों में अपनी स्थिति को मजबूत करेगा। मेट्रो परियोजना से पृथला औद्योगिक क्षेत्र को भी बड़ा लाभ होगा। औद्योगिक इकाइयों तक सुगम परिवहन सुविधा मिलने से नए उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
जानकारी के अनुसार, इस 24 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक पर 10 से अधिक मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। हालांकि, टेक्नो-फिजिबिलिटी सर्वे के बाद स्टेशन की संख्या में परिवर्तन संभव है। इस सर्वे की जिम्मेदारी रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) को सौंपी गई है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यह मेट्रो बल्लभगढ़ स्थित राजा नाहर सिंह स्टेशन से लेकर पलवल बस स्टैंड तक चलेगी।