क्या पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने महामना पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती पर श्रद्धांजलि दी?

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क्या पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने महामना पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती पर श्रद्धांजलि दी?

सारांश

भारत रत्न महामना पं. मदन मोहन मालवीय की जयंती पर पीएम मोदी और अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके जीवन और योगदान पर चर्चा हुई, जो आज भी समाज में प्रेरणा का स्रोत हैं। जानें इस महान विचारक के योगदान के बारे में।

Key Takeaways

  • महामना पंडित मदन मोहन मालवीय का जीवन समाज सुधार और शिक्षा के लिए समर्पित था।
  • उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की, जो भारतीय शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है।
  • उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं ने उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
  • उनका योगदान भारतीय समाज में अविस्मरणीय है।

नई दिल्ली, २५ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और महान समाज सुधारक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अनेक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मातृभूमि की सेवा में आजीवन समर्पित रहे भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए समाज सुधार के साथ राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के शिक्षा जगत में उनका अतुलनीय योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।"

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक और महान समाज सुधारक भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर नमन। शिक्षा को समाज सुधार का मूल मंत्र मानने वाले मालवीय ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना से भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित आधुनिक शिक्षा के लिए युवाओं को प्रेरित किया और प्रेस को राष्ट्रनिर्माण का माध्यम बनाने में भी अहम योगदान दिया। अस्पृश्यता उन्मूलन के प्रयासों और किसान हितैषी कार्यों के लिए आजीवन संकल्पित महामना का योगदान चिरस्मरणीय रहेगा।"

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लिखा, "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रबल समर्थक, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक, 'भारत रत्न', 'महामना' पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें शत–शत नमन करता हूं। शिक्षा के अग्रदूत रहे मालवीय ने जन–जन के अंतर्मन में भारतीयता के विचार को और प्रखर करते हुए युवाओं में चरित्र निर्माण की आधारशिला रखी। स्वभाषा और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए उनका महनीय योगदान प्रणम्य है। उनका महान जीवनवृत्त समतामूलक समाज के निर्माण और राष्ट्रसेवा के लिए हम सभी को सदैव प्रेरित करता रहेगा।"

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा, "भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और भारतीय मूल्यों के संरक्षण के लिए उनका जीवन समर्पित रहा। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के माध्यम से उन्होंने ज्ञान, संस्कार और आत्मनिर्भर भारत की जो मजबूत नींव रखी, वह सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "भारतीय भाषाओं के प्रबल पक्षधर, शिक्षा एवं संस्कार के अग्रदूत, 'भारत रत्न' महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय जैसे गौरवशाली संस्थान की स्थापना कर 'महामना' ने उच्च आदर्शों एवं विचारों से हमारी पीढ़ी को परिचित कराया। वे सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माता थे, उनका जीवन भारतीय जनमानस के लिए एक प्रेरणा है।"

Point of View

NationPress
09/02/2026

Frequently Asked Questions

महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कौन थे?
महामना पंडित मदन मोहन मालवीय एक महान समाज सुधारक और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक थे।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में क्या योगदान दिया?
उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया और समाज में सुधार के लिए काम किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके बारे में क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें मातृभूमि की सेवा में समर्पित बताया और उनके योगदान को अतुलनीय बताया।
क्या उनके कार्य आज भी प्रासंगिक हैं?
हाँ, उनके कार्य और विचार आज भी समाज में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
उनकी जयंती पर अन्य नेताओं ने क्या कहा?
अन्य नेताओं ने भी उनके योगदान और विचारों की सराहना की और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
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