सीएम धामी ने विपक्ष पर साधा निशाना: महिला आरक्षण विधेयक रोकने पर कौरवों और रावण से की तुलना
सारांश
Key Takeaways
- सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 28 अप्रैल 2026 को देहरादून में 'नारी सम्मान, लोकतंत्र में अधिकार' विषय पर विशेष विधानसभा सत्र को संबोधित किया।
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संशोधन) विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना था।
- प्रधानमंत्री मोदी ने 16 अप्रैल को विशेष संसद सत्र बुलाया था, लेकिन 'इंडिया' गठबंधन के विरोध के कारण विधेयक पास नहीं हो सका।
- धामी ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी की तुलना कौरवों और रावण से की।
- सीएम ने परिसीमन के तहत सीटें बढ़ाने पर विपक्ष की आपत्ति को महिला-विरोधी रुख बताया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 28 अप्रैल 2026 को देहरादून में 'नारी सम्मान, लोकतंत्र में अधिकार' विषय पर आयोजित एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र में विपक्ष पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'इंडिया' गठबंधन, कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक को लोकसभा में पास होने से रोका। धामी ने विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया की तुलना महाभारत के कौरव-प्रसंग और रामायण के रावण के घमंड से करते हुए इसे 'नारी शक्ति का अपमान' करार दिया।
विशेष सत्र का संदर्भ और विधेयक का उद्देश्य
यह विशेष विधानसभा सत्र नारी शक्ति वंदन अधिनियम (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। मुख्यमंत्री धामी ने सदन को बताया कि इस कानून का मकसद लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना था। उन्होंने इसे केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने का कदम नहीं, बल्कि देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया में महिलाओं की सार्थक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की एक ऐतिहासिक पहल बताया।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अप्रैल को संसद का एक विशेष सत्र बुलाकर इस ऐतिहासिक वादे को पूरा करने की दिशा में कदम उठाए थे और सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की थी। उनके अनुसार, इसका लक्ष्य अगली लोकसभा में देश की आधी आबादी को उनका उचित हक दिलाना था।
विपक्ष पर धामी का सीधा हमला
सीएम धामी ने आरोप लगाया कि जब वोटों की कमी के कारण विधेयक पास नहीं हो सका, तो विपक्षी सदस्यों ने मेजें थपथपाकर जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि यह दृश्य उन्हें महाभारत के उस प्रसंग की याद दिलाता है, जब कौरवों ने द्रौपदी का अपमान किया था और दुर्योधन, दुशासन तथा कर्ण ने खुशी मनाई थी।
धामी ने नाम लेकर कहा कि नारी शक्ति को उनके अधिकारों से वंचित करने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अभिषेक बनर्जी को जश्न मनाते देखा गया। उन्होंने एक और तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और TMC के नेताओं का यह व्यवहार उन्हें रावण के उस घमंड की याद दिलाता है, जिसकी वजह से अंततः उसका पतन हुआ।
महिला नेतृत्व और सांस्कृतिक सम्मान पर जोर
सीएम ने अपने संबोधन में उत्तराखंड की ऐतिहासिक महिला विभूतियों का उल्लेख किया — वीरता की प्रतीक तिलू रौतेली, 'उत्तराखंड की लक्ष्मीबाई' कही जाने वाली जिया रानी, मुगलों से लोहा लेने वाली रानी कर्णावती, और चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी। राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले और कल्पना चावला का नाम लिया।
धामी ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में महिलाओं को मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा,