दिल्ली विधानसभा में ऐतिहासिक पल: विधायक शिखा रॉय ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' सत्र में संभाली सदन की कमान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 28 अप्रैल 2026 को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान एक उल्लेखनीय मिसाल कायम की, जब उन्होंने ग्रेटर कैलाश की विधायक शिखा रॉय को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करने के लिए आमंत्रित किया। रॉय ने 'चेयरपर्सन-इन-चेयर' के रूप में कार्यवाही का संचालन किया, जो विधायी प्रक्रिया में महिला नेतृत्व को मान्यता देने की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।
सदन में क्या हुआ
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने विशेष सत्र के दौरान शिखा रॉय को 'चेयरपर्सन-इन-चेयर' की भूमिका सौंपी। रॉय ने इस अवसर के लिए स्पीकर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन पर जताया गया यह विश्वास उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पहल विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी और समावेशिता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
काली पट्टी विरोध और राजनीतिक संदेश
इस विशेष सत्र से पहले, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उनके कैबिनेट सहयोगियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने अपनी बांहों पर काली पट्टियाँ बांधकर एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को रोकने में विपक्ष की कथित भूमिका के खिलाफ था। मुख्यमंत्री गुप्ता ने इस विरोध का नेतृत्व किया और इसे महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में दिल्ली सरकार के एकजुट रुख के रूप में प्रस्तुत किया।
मंत्री की तीखी प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य और परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने पिछले लोकसभा सत्र के दौरान विपक्ष के व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा,