क्या भारतीय मिशनों ने दुनिया भर में इंटरनेशनल गीता महोत्सव 2025 मनाया?
सारांश
Key Takeaways
- भगवद्गीता के संदेशों का वैश्विक स्तर पर प्रसार।
- विभिन्न देशों में भारतीय संस्कृति का सम्मान।
- **महिलाओं और युवाओं** की भागीदारी।
- आध्यात्मिक गहराई में वृद्धि।
- भारतीय मिशनों का वैश्विक प्रभाव।
नई दिल्ली, 17 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दुनिया भर में भारतीय दूतावासों और मिशनों ने इंटरनेशनल गीता महोत्सव 2025 का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य भगवद्गीता के शाश्वत आध्यात्मिक और दार्शनिक संदेशों को वैश्विक स्तर पर फैलाना है।
यह महोत्सव मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष एकादशी को मनाया जाता है, जो उस दिन को दर्शाता है जब भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध क्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। यह आयोजन कर्तव्य, धर्म और ज्ञान के संदेश को फैलाने का प्रतीक है।
ट्रिनिडाड और टोबैगो में, भारतीय उच्चायोग ने पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कल्चरल को-ऑपरेशन के सभागार में गीता महोत्सव का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। यह कार्यक्रम भारत के कुरुक्षेत्र में होने वाले 10वें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव से पहले के प्रमुख आयोजनों में से एक है।
इस कार्यक्रम में ट्रिनिडाड और टोबैगो सरकार के वरिष्ठ नेताओं जैडेओ सिंह (स्पीकर, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेटर पुंडित प्रकाश प्रसाद (मंत्री, टर्शियरी एजुकेशन एंड स्किल्स ट्रेनिंग) ने गीता की आधुनिक समय में प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि उनके विचारों ने समारोह में आध्यात्मिक गहराई जोड़ दी।
चीन में, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत शंघाई में भारत के कौंसुल जनरल प्रतीक माथुर ने वांग झिचेंग को सम्मानित किया। वांग झिचेंग झेजियांग विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध वेदांत और योग विद्वान हैं। उनकी 2015 में प्रकाशित गीता की चीनी अनुवादित पुस्तक का अब तक 17 बार पुनर्मुद्रण हो चुका है। इसका 2025 का नवीनतम संस्करण चीनी पाठकों में विशेष लोकप्रियता पा रहा है।
मोज़ाम्बिक में भारतीय उच्चायोग ने राजधानी मापुटो से करीब 40 किमी दूर सलामांगा स्थित आनंद आश्रम में गीता महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें योग, प्रार्थना, कविता पाठ, गायन, क्विज़ प्रतियोगिता और प्रसादी भोजन शामिल थे।
स्विट्जरलैंड में भी भारतीय दूतावास ने गीता महोत्सव मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत गीता प्रोडक्शंस के भावपूर्ण नृत्य एवं नाट्य प्रदर्शन से हुई, जो गीता के सार्वभौमिक संदेश को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करते हैं।