क्या केंद्रीय गृह सचिव ने एलजी मनोज सिन्हा के साथ सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की?

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क्या केंद्रीय गृह सचिव ने एलजी मनोज सिन्हा के साथ सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की?

सारांश

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद विरोधी अभियान और ऑपरेशनल तैयारियों पर गहन चर्चा की गई, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकें।

Key Takeaways

  • सुरक्षा स्थिति की समीक्षा महत्वपूर्ण है।
  • आतंकवाद विरोधी अभियान जारी हैं।
  • ड्रोन गतिविधियों की वृद्धि पर ध्यान दिया जा रहा है।
  • सुरक्षा बलों के बीच समन्वय आवश्यक है।
  • आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कार्रवाई की जाएगी।

जम्मू, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद विरोधी अभियान और ऑपरेशनल तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

गृह सचिव ने यहां कैनाल रोड पर स्थित कन्वेंशन सेंटर में एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक तपन डेका, बीएसएफ के निदेशक जनरल प्रवीण कुमार, सीआरपीएफ प्रमुख जीपी सिंह, जम्मू-कश्मीर के DGP नलिन प्रभात, और सेना, पुलिस, सिविल और इंटेलिजेंस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

सुरक्षा बल बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं, विशेषकर जम्मू के ऊंचे पहाड़ी और जंगलों वाले क्षेत्रों में। माना जा रहा है कि यहाँ लगभग तीन दर्जन आतंकवादी, जिनमें कुछ पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल हैं, घुसपैठ कर छिपे हुए हैं।

इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) और लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर ड्रोन गतिविधि में भी वृद्धि हुई है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, आतंकवादी घने कोहरे का लाभ उठाकर घुसपैठ करने के अवसर की तलाश में हैं। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने, कुल सुरक्षा स्थिति की समीक्षा, सीमाओं पर चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों और ड्रोन घुसपैठ का मूल्यांकन किया गया।

सीमा सुरक्षा प्रबंधन, जम्मू की पहाड़ियों में सुरक्षा बढ़ाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पहले, केंद्रीय गृह सचिव ने सुबह लोक भवन में उपराज्यपाल से मुलाकात की थी।

अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा, ऑपरेशन और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव ने जम्मू-कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा स्थिति, घाटी और जम्मू के पहाड़ी इलाकों में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों और जॉइंट सिक्योरिटी ग्रिड की ऑपरेशनल तैयारियों का मूल्यांकन किया। इसके साथ ही पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, सेना और इंटेलिजेंस एजेंसियों के बीच तालमेल पर भी चर्चा की गई।

अधिकारी ने यह भी कहा कि हाल की गतिविधियों को देखते हुए जम्मू के पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की गई। केंद्रीय गृह सचिव का यह दौरा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस निर्देश के एक हफ्ते बाद हुआ, जिसमें उन्होंने सुरक्षा बलों को मिशन मोड में आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स और टेरर फाइनेंसिंग को निशाना बनाने वाले ऑपरेशन जारी रखने का निर्देश दिया था।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सुरक्षा स्थिति की समीक्षा से जम्मू-कश्मीर में स्थिति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह आवश्यक है कि सभी एजेंसियों के बीच समन्वय हो ताकि आतंकवाद की चुनौतियों का सामना किया जा सके।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

केंद्रीय गृह सचिव ने किसके साथ बैठक की?
केंद्रीय गृह सचिव ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ बैठक की।
बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद विरोधी अभियान और ऑपरेशनल तैयारियों पर चर्चा हुई।
क्या बैठक में कोई उच्चस्तरीय अधिकारी शामिल थे?
हाँ, बैठक में आईबी, बीएसएफ, सीआरपीएफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
क्या जम्मू में आतंकवादियों की संख्या बढ़ी है?
हाँ, माना जा रहा है कि जम्मू में लगभग तीन दर्जन आतंकवादी छिपे हुए हैं।
ड्रोन गतिविधियों में क्या वृद्धि हुई है?
हाँ, इंटरनेशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल पर ड्रोन गतिविधियों में वृद्धि हुई है।
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