क्या केरल के सीएम विजयन ने केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के निधन पर दुख जताया?

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क्या केरल के सीएम विजयन ने केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के निधन पर दुख जताया?

सारांश

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। यह समाचार न केवल केन्या बल्कि भारत में भी गहरा असर छोड़ता है। ओडिंगा के योगदान को याद करते हुए, विजयन ने उनके परिवार और केन्या की जनता के प्रति संवेदना प्रकट की।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ओडिंगा के निधन पर शोक व्यक्त किया।
रैला ओडिंगा का योगदान लोकतंत्र में अतुलनीय था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ओडिंगा को 'भारत का प्रिय मित्र' कहा।
ओडिंगा का निधन कूथाट्टुकुलम में आयुर्वेदिक उपचार के दौरान हुआ।
उन्होंने राजनीति में संवाद और सुधार की वकालत की।

तिरुवनंतपुरम, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे रैला ओडिंगा के निधन से अत्यंत दुखी हैं, जो आयुर्वेदिक उपचार के लिए केरल आए थे।

उन्होंने आगे लिखा कि अफ्रीका में लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। केरल की ओर से, मैं उनके परिवार और केन्या की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।

उनका निधन 80 वर्ष की आयु में सुबह की सैर के दौरान दिल का दौरा पड़ने से कूथाट्टुकुलम में हुआ।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिंगा के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ओडिंगा को 'भारत का प्रिय मित्र' बताते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उनसे हुई मुलाकात को याद किया।

मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, "मेरे प्रिय मित्र और केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री, रैला ओडिंगा के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वे एक प्रखर राजनेता और भारत के प्रिय मित्र थे।"

ओडिंगा अपने परिवार के सदस्यों के साथ कूथाट्टुकुलम पहुंचे थे। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 6.30कूथाट्टुकुलम के देवा मठ अस्पताल में रखा गया है।

केन्याई राजनीति में चार दशकों से अधिक समय तक एक प्रमुख हस्ती रहे ओडिंगा ने 2008 से 2013 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। ओडिंगा अपने जोशीले भाषणों और जमीनी स्तर पर जुड़ाव के लिए प्रसिद्ध थे।

उन्होंने 2007-08

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समाचार केवल एक व्यक्ति के निधन की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे नेता की विरासत का वर्णन करता है जिसने केन्या और भारत के बीच संबंधों को मजबूत किया। ओडिंगा का जीवन और कार्य हमें यह सिखाते हैं कि संवाद और सहयोग से ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रैला ओडिंगा का निधन कैसे हुआ?
रैला ओडिंगा का निधन दिल का दौरा पड़ने के कारण हुआ, जब वे सुबह की सैर पर थे।
रैला ओडिंगा की राजनीतिक विरासत क्या है?
रैला ओडिंगा ने केन्याई राजनीति में चार दशकों तक महत्वपूर्ण योगदान दिया और लोकतंत्र को मजबूत किया।
राष्ट्र प्रेस
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