केरल: सतीशन ने मुख्यमंत्री विजयन पर बहस से भागने का लगाया आरोप
सारांश
Key Takeaways
- वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री विजयन पर बहस से भागने का आरोप लगाया।
- उन्होंने 4.43 लाख मकानों के निर्माण का सही आंकड़ा पेश किया।
- सोशल मीडिया पर विजयन की चुप्पी पर भी सवाल उठाए गए।
- सतीशन ने एसडीपीआई के समर्थन को खारिज करने का दावा किया।
- सीपीआई-एम पर सांप्रदायिक ताकतों के साथ गठबंधन का आरोप।
एर्नाकुलम, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के प्रमुख सदस्य वीडी सतीशन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने विजयन पर सार्वजनिक बहस से भागने और बार-बार झूठे दावों करने का आरोप लगाया।
सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री का आमने-सामने की चर्चा से बचने का निर्णय और इसके बजाय सोशल मीडिया पर बातचीत करना बेहद निराशाजनक है।
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री विजयन से बहस की तारीख और स्थान की घोषणा की उम्मीद थी।
विपक्ष के नेता ने कहा कि जब हम (कांग्रेस) उनके (विजयन के) ऑनलाइन किए गए दावों का खंडन करते हैं, तो उसके बाद पूरी तरह से चुप्पी छा जाती है।
आवास संबंधी आंकड़ों का हवाला देते हुए सतीशन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का यह दावा कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के कार्यकाल में केवल 4,000 मकान बनाए गए थे, आधिकारिक आंकड़ों से गलत साबित हुआ है।
विपक्ष के नेता ने कहा कि यह स्पष्ट हो चुका है कि 4.43 लाख से अधिक मकानों का निर्माण हुआ था। यह उनके (विजयन के) अपने मंत्रिमंडल के जवाबों से उजागर हुआ है। फिर भी, तब से उनकी (विजयन की) ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से समर्थन के राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर सतीशन ने दोहराया कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने इस तरह के किसी भी समर्थन को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री विजयन पर अवसरवादी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, एसडीपीआई और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) जैसे संगठनों के साथ व्यवहार में उनका रुख लगातार बदल रहा है।
उन्होंने कहा कि यूडीएफ एसडीपीआई का समर्थन ठुकराने वाला पहला मोर्चा है। मुख्यमंत्री को यह बात नहीं भूलनी चाहिए।
सतीशन ने यह भी आरोप लगाया कि सीपीआई-एम चुनावी लाभ हासिल करने के लिए अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक दोनों सांप्रदायिक ताकतों के साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि केरल के धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक परिदृश्य में ऐसे प्रयास विफल होंगे।