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क्या किश्तवाड़ हादसा दुखद है? ईश्वर से जम्मू-कश्मीर की खुशहाली की प्रार्थना: सोहेल खान

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क्या किश्तवाड़ हादसा दुखद है? ईश्वर से जम्मू-कश्मीर की खुशहाली की प्रार्थना: सोहेल खान

सारांश

मुंबई में वर्ल्ड पैडल लीग के दौरान सोहेल खान ने किश्तवाड़ में आई आपदा पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की भलाई के लिए अपनी दुआओं का जिक्र किया। यह घटना न केवल दुखद है, बल्कि एक गंभीर संकट भी है। जानें इस हादसे के बारे में और क्या कह रहे हैं लोग।

मुख्य बातें

किश्तवाड़ में आपदा ने 30 से अधिक लोगों की जान ले ली।
राहत कार्य तेजी से चल रहा है।
सोहेल खान ने जम्मू-कश्मीर की भलाई के लिए दुआ की।

मुंबई, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। इन दिनों मुंबई में वर्ल्ड पैडल लीग का आयोजन हो रहा है, जिसमें कई बॉलीवुड सितारे और उनकी टीमें भाग ले रही हैं। खान टाइगर्स टीम के मालिक सोहेल खान अपनी टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए यहां पहुंचे थे।

इस अवसर पर, सोहेल खान ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आए प्राकृतिक आपदा के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, “यह बहुत ही दुखदायी बात है, जब भी मैं जम्मू-कश्मीर के बारे में सोचता हूं तो मेरा दिल दुखता है। बचपन में मैं वहां गया था। वह जगह अद्भुत है, जिसे लोग जन्नत कहते हैं, लेकिन वहां हमेशा कुछ न कुछ समस्याएं बनी रहती हैं। मेरी दिली ख्वाहिश है कि उस क्षेत्र में सुख-शांति बनी रहे। ईश्वर वहां की सुरक्षा करे और इसे खुशहाल बनाए।”

दरअसल, किश्तवाड़ के चिशोती इलाके में बृहस्पतिवार को बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे व्यापक तबाही मच गई। यह घटना उस स्थान पर हुई जहां लोग श्री मचैल मंदिर की यात्रा के लिए इकट्ठा होते हैं। यहां कई चार पहिया वाहन खड़े रहते हैं और अस्थाई दुकानें भी थीं।

एडीसी किश्तवाड़ के अनुसार, श्री मचैल यात्रा को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

इस आपदा में 30 से अधिक लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। घटना ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। लोग कहते हैं कि वे इस घटना को कभी नहीं भूल पाएंगे।

पीएम मोदी ने भी इस घटना पर ध्यान दिया है और उन्होंने सीएम उमर अब्दुल्ला से इस संबंध में फोन पर बातचीत की।

मध्य प्रदेश के उज्जैन से आए एक व्यक्ति ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हल्की बारिश हो रही थी, लेकिन हमें यह अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी आपदा आएगी। हम किसी तरह अपनी जान बचाकर निकले। यह घटना हमारे लिए एक अमिट याद बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि प्राकृतिक आपदाएं किसी भी समाज को प्रभावित कर सकती हैं। किश्तवाड़ में हुई यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि हमें प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बेहतर तैयारी की आवश्यकता है। यह समय है एकजुटता का, ताकि हम प्रभावित लोगों की मदद कर सकें और उन्हें पुनर्वासित कर सकें।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना कब हुई?
यह घटना बृहस्पतिवार को हुई।
इस आपदा में कितने लोगों की मौत हुई?
इस आपदा में 30 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है।
राहत कार्य कौन कर रहा है?
स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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