क्या अंकिता भंडारी केस की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में होनी चाहिए? - हरीश रावत

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क्या अंकिता भंडारी केस की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में होनी चाहिए? - हरीश रावत

सारांश

क्या उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा की गई सीबीआई जांच की स्वीकृति अंकिता भंडारी केस में न्याय दिलाने में मदद करेगी? हरीश रावत ने सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है!

Key Takeaways

  • अंकिता भंडारी केस की जांच सीबीआई से होगी।
  • जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के जज करने की मांग।
  • मुख्यमंत्री ने माता-पिता की मांग का सम्मान किया।
  • सत्ता के संरक्षण में छिपे चेहरे सामने लाने की आवश्यकता।
  • अन्य साक्ष्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जरूरत।

ऋषिकेश, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अंकिता भंडारी केस में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें सीएम ने कहा कि बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हरीश रावत ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि सरकार ने सीबीआई जांच के लिए अपनी स्वीकृति दी है, लेकिन यह जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में होनी चाहिए।

अंकिता भंडारी केस की सीबीआई जांच की मांग लगातार की जा रही थी, जिसे अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मान लिया है। अब इस केस की जांच सीबीआई से कराई जाएगी।

सीएम ने कहा कि अंकिता के माता-पिता ने भेंट के दौरान सीबीआई जांच की मांग रखी थी, जिसका सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्णय लिया है।

सीएम धामी ने कहा कि मातृशक्ति की सुरक्षा और उनके सम्मान के लिए हमारी सरकार सदैव प्रतिबद्ध रही है। उत्तराखंड में कानून का राज है, यहां दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

ऋषिकेश में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह उत्तराखंड की जनता के जन-दबाव के कारण ही हुआ है। सभी एक ही मांग कर रहे थे कि सीबीआई की जांच कराई जाए और वह सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में हो। यह अच्छी बात है कि सरकार ने मान लिया है कि अंकिता भंडारी केस की जांच सीबीआई से कराई जाएगी।

उन्होंने कहा कि जब तक यह जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में नहीं होगी, तब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाएगा। इसीलिए जरूरी है कि जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में ही हो। दूसरी बात यह है कि जिन लोगों ने साक्ष्य नष्ट किए, उनके खिलाफ भी नामजद रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। जब ये लोग जांच के दायरे में आएंगे, तभी सच सभी के सामने आ पाएगा। उन्होंने कहा कि जिन कारणों से अंकिता की हत्या हुई, उस राज से पर्दा उठ पाएगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि सत्ता के संरक्षण में छिपे चेहरे कब सामने आएंगे। जब तक सच पूरी तरह उजागर नहीं होगा, न्याय की यह लड़ाई थमेगी नहीं।

Point of View

NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या अंकिता भंडारी केस की जांच सीबीआई से हो रही है?
हाँ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की स्वीकृति दी है।
क्या यह जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में होगी?
हरीश रावत ने इस बात की मांग की है कि जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में हो।
क्या अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की थी?
जी हाँ, अंकिता के माता-पिता ने सीबीआई जांच की मांग की थी।
क्यों हरीश रावत ने जांच की निगरानी की मांग की?
हरीश रावत का मानना है कि निष्पक्षता के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख जरूरी है।
क्या उत्तराखंड सरकार ने इस मामले में कोई कदम उठाए हैं?
हाँ, सरकार ने सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया है।
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