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क्या सरकार चर्चा करने को राजी है? राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाने पर प्रियंका गांधी

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क्या सरकार चर्चा करने को राजी है? राहुल गांधी द्वारा लोकसभा में वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाने पर प्रियंका गांधी

सारांश

राहुल गांधी ने लोकसभा में वायु प्रदूषण का गंभीर मुद्दा उठाया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने बताया कि सरकार और सभी पार्टियां इस पर चर्चा के लिए सहमत हैं। क्या यह एक नई शुरुआत है प्रदूषण नियंत्रण के लिए? जानें पूरी खबर।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया।
सरकार चर्चा के लिए सहमत है।
एक एक्शन प्लान की आवश्यकता है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी दलों को एकजुट होना चाहिए।
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स चिंताजनक स्तर पर है।

नई दिल्ली, 12 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया, तो कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बताया कि सरकार समेत सभी लोग इस पर चर्चा के लिए सहमत हो गए हैं।

पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "मुझे लगता है कि इस पर सब सहमत थे। सरकार ने भी कहा है कि वह चर्चा के लिए तैयार है। एक एक्शन प्लान बनाया जाना चाहिए। अब यह बहुत हो गया है, क्योंकि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। जब हम अलग-अलग विषयों पर चर्चा करते हैं, तो इस पर भी चर्चा होनी चाहिए। इससे कुछ ठोस निकलना चाहिए। अच्छा होगा अगर सरकार एक एक्शन प्लान बनाकर उसे लागू करे।"

राहुल गांधी ने कहा, "मैंने सदन में प्रदूषण का मुद्दा उठाया। यह एक ऐसा मामला है जिस पर सभी पार्टियां सहमत हो सकती हैं, क्योंकि इससे बच्चे प्रभावित होते हैं और लोग कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित होते हैं। मैंने सुझाव दिया कि इस पर एकमत से चर्चा होनी चाहिए, न कि एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल, जिसमें एक्सपर्ट की राय हो, ताकि देश को दिखाया जा सके कि हम एकजुट होकर काम कर सकते हैं।"

इससे पहले, राहुल गांधी ने लोकसभा में वायु प्रदूषण की समस्या का मुद्दा उठाया और सरकार से एयर क्वालिटी सुधारने के लिए एक पूरी, टाइम-बाउंड स्ट्रेटेजी बनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि हमारे ज्यादातर शहर जहरीली हवा की चादर में लिपटे हुए हैं। लाखों बच्चे फेफड़ों की बीमारियों से परेशान हैं, लोगों को कैंसर हो रहा है, और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियों की एक राय है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच पूरी सहमति है और एक जॉइंट एक्शन प्लान बनाने में पूरा सहयोग देने की पेशकश की।

उन्होंने संसद में तुरंत चर्चा की मांग की और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को हर शहर के लिए एक प्लान पेश करना चाहिए जिसमें बताया जाए कि अगले पांच या दस सालों में हम कैसे बड़ी तरक्की कर सकते हैं, भले ही समस्या एक बार में पूरी तरह से हल न हो सके।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सुबह 7 बजे 331 पर पहुंच गया, जिससे शहर एक बार फिर 'बहुत खराब' कैटेगरी में आ गया। जहांगीरपुरी राष्ट्रीय राजधानी में सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाका रहा, जहां एक्यूआई 405 था, जिससे यह 'गंभीर' जोन में चला गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि हम सभी के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर सकें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वायु प्रदूषण पर चर्चा आवश्यक है?
हां, वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और इस पर चर्चा आवश्यक है।
क्या सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई करेगी?
सरकार ने चर्चा के लिए सहमति जताई है, जिससे कार्रवाई की संभावना बढ़ी है।
राहुल गांधी का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
उन्होंने कहा है कि सभी पार्टियों को मिलकर इस पर काम करना चाहिए।
कौन सा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है?
जहांगीरपुरी क्षेत्र दिल्ली में सबसे अधिक प्रभावित है।
क्या प्रदूषण के लिए एक्शन प्लान जरूरी है?
बिल्कुल, प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक ठोस योजना की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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