क्या उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ जो हुआ है, वह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है?
सारांश
Key Takeaways
- लोकतंत्र की सुरक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है।
- भाजपा सरकार का ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग चिंता की बात है।
- राजनीतिक साजिशों के खिलाफ एकजुट होना आवश्यक है।
- लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहिए।
- सभी को अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए।
मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि यदि लोकतंत्र की हत्या होती रही और संविधान को कुचला जाएगा, तो लोगों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान, उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार को 12 साल हो गए हैं और इस दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। भाजपा का उद्देश्य विपक्ष मुक्त भारत बनाना है, लेकिन ऐसा कभी संभव नहीं होगा। यदि वे लोकतंत्र को समाप्त करने का प्रयास करेंगे, तो अंततः स्वयं समाप्त हो जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर लोकतंत्र का दमन और संविधान का उल्लंघन जारी रहा, तो लोग सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। यह साफ है कि जब भी किसी राज्य में चुनाव होते हैं, खासकर जहां विपक्ष की सरकार होती है, वहां ईडी और सीबीआई के छापे पड़ते हैं। भाजपा केंद्र सरकार हर संभव प्रयास करती है कि वह विपक्षी नेताओं और सरकारों पर दबाव बनाए।
कांग्रेस सांसद ने बताया कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जहां विपक्षी सरकारें हैं, वहां भाजपा इन एजेंसियों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है। उन्होंने टीएमसी नेताओं के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि सांसदों के साथ जो सुलूक हुआ, वह भाजपा की हताशा को दर्शाता है। यदि वे लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव नहीं जीत रहे हैं, तो ईडी और सीबीआई का सहारा लिया जा रहा है।
लैंड फॉर जॉब स्कैम पर उन्होंने कहा कि लालू यादव भी राजनीतिक साजिश का शिकार हैं। उनके परिवार के साथ जो कुछ हो रहा है, वह केवल इसलिए हो रहा है क्योंकि उन्होंने भाजपा के सामने झुकने से मना कर दिया है। यदि वे या उनका परिवार समर्पण कर दे, तो ये सभी मामले खत्म हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी और कल हम भी सत्ता में आएंगे। तब सभी चीजों का अध्ययन किया जाएगा। भाजपा की सरकार में सत्ता का दुरुपयोग हुआ है। रामभद्राचार्य के बयान पर उन्होंने कहा कि कथावाचक को कथा सुनानी चाहिए और कोर्ट के आदेश पर ज्यादा नहीं बोलना चाहिए। उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ जो हो रहा है, वह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। यह चिंता की बात है कि पांच लोगों को जमानत मिल गई, लेकिन दोनों को जमानत नहीं मिल रही है। यह अन्याय है और यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है।
बीएमसी चुनावों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भाजपा तमाम हथकंडे अपनाती है और हर कोशिश करती है कि लोकल बॉडी के चुनावों में उनका वर्चस्व बढ़े। मेयर के चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को जिसका चुनाव करना चाहिए, उसे स्वीकार करना चाहिए। हम किसी पर शर्त नहीं लगा सकते।