लालकृष्ण आडवाणी दिल्ली के अपोलो अस्पताल के ICU में भर्ती, सीने के संक्रमण के बाद हालत स्थिर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठतम नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2026 की शाम सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार, 98 वर्षीय आडवाणी फिलहाल आईसीयू (ICU) में हैं और सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है।
भर्ती की परिस्थितियाँ
अधिकारियों के मुताबिक आडवाणी को शुक्रवार शाम 7:30 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन शनिवार की सुबह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा स्वयं अपोलो अस्पताल पहुँचे और वरिष्ठ नेता का स्वास्थ्य अपडेट लिया। उनकी यात्रा इस बात का संकेत है कि पार्टी नेतृत्व स्थिति पर करीबी नज़र रखे हुए है।
पूर्व अस्पताल में भर्ती रहने का इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब आडवाणी को अपोलो अस्पताल में भर्ती होना पड़ा हो। मई 2026 में भी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कुछ दिनों के उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दी गई थी। इससे पहले दिसंबर 2024 में भी उन्हें मेडिकल जांच और उपचार के लिए इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के ICU में रखा गया था — उस समय भी डॉ. विनीत सूरी ही उनकी चिकित्सा टीम का नेतृत्व कर रहे थे।
आडवाणी का राजनीतिक योगदान
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के उन विरले नेताओं में हैं जिन्होंने दशकों तक पार्टी और सरकार दोनों में शीर्ष भूमिकाएँ निभाईं। वे तीन बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे — 1986 से 1990 तक, 1993 से 1998 तक और 2004 से 2005 तक। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उन्होंने 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री का दायित्व सँभाला और 2002 से 2004 तक वे देश के उप प्रधानमंत्री रहे। इसके अलावा वे दो अलग-अलग कार्यकालों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।
पार्टी और समर्थकों की प्रतिक्रिया
भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आडवाणी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना व्यक्त की है। गौरतलब है कि 98 वर्ष की आयु में वे भारतीय राजनीति के सक्रिय स्मृति-पुरुष बने हुए हैं, और उनके स्वास्थ्य की खबर ने देशभर में उनके अनुयायियों में चिंता की लहर पैदा की है।
फिलहाल आडवाणी चिकित्सकों की निरंतर निगरानी में हैं और उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।