MP शराब दुकानों पर QR कोड अनिवार्य: आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना का 10 दिवसीय जाँच अभियान

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MP शराब दुकानों पर QR कोड अनिवार्य: आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना का 10 दिवसीय जाँच अभियान

सारांश

मध्य प्रदेश में अब शराब दुकानों पर मनमानी वसूली नहीं चलेगी — आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने QR कोड अनिवार्य कर दिया है, जिससे उपभोक्ता मौके पर ही कानूनी दरें जाँच सकेंगे। MRP से अधिक या MSP से कम बिक्री पर लाइसेंस रद्द होगा और 28 अप्रैल से 10 दिवसीय विशेष जाँच अभियान शुरू हो गया है।

Key Takeaways

  • आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने 28 अप्रैल 2025 से प्रदेश की सभी मदिरा दुकानों पर QR कोड लगाना अनिवार्य किया।
  • उपभोक्ता स्मार्टफोन से स्कैन कर संबंधित जिले की रेट लिस्ट तुरंत देख सकेंगे।
  • MRP से अधिक या MSP से कम पर बिक्री करने पर मध्य प्रदेश राजपत्र की कंडिका 21.2 व 21.3 के तहत लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
  • 28 अप्रैल से 7 मई 2025 तक 10 दिवसीय विशेष जाँच अभियान चलाया जा रहा है।
  • अभियान की रिपोर्ट 11 मई 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी।

मध्य प्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने 28 अप्रैल 2025 से प्रदेश की समस्त मदिरा दुकानों पर ई-आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेटेड क्यूआर कोड चस्पा करना अनिवार्य कर दिया है, ताकि उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन से तत्काल ब्रांड की कानूनी दरें सत्यापित कर सकें। यह कदम कई जिलों में अधिकतम विक्रय मूल्य (MRP) से अधिक और न्यूनतम विक्रय मूल्य (MSP) से कम पर मदिरा बेचे जाने की शिकायतों के बाद उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

आबकारी विभाग के संज्ञान में आया कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में शराब दुकान संचालक न केवल MRP से अधिक दाम वसूल रहे थे, बल्कि प्रतिस्पर्धा के चलते MSP से कम पर भी मदिरा बेच रहे थे। इन दोनों प्रवृत्तियों से उपभोक्ता हित और राजस्व व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रहे थे। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब प्रदेश में शराब दुकानों पर मनमानी की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन इस बार तकनीक-आधारित समाधान अपनाया गया है।

QR कोड व्यवस्था कैसे काम करेगी

आयुक्त सक्सेना ने स्पष्ट किया कि ई-आबकारी पोर्टल से जनरेट किए गए विशेष क्यूआर कोड जिला अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए हैं। इन्हें दुकान के प्रमुख हिस्सों पर लगाना होगा। उपभोक्ता जैसे ही इस कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करेंगे, उनके स्क्रीन पर संबंधित जिले की पूरी रेट लिस्ट खुल जाएगी। इस प्रकार ग्राहक मौके पर ही दाम का मिलान कर सकेंगे और किसी भी अनुचित वसूली की तुरंत पहचान हो सकेगी।

नियम उल्लंघन पर कार्रवाई

आयुक्त सक्सेना ने चेतावनी दी है कि यदि कोई दुकान संचालक निर्धारित MSP से कम या MRP से अधिक पर बिक्री करता पाया गया, तो मध्य प्रदेश राजपत्र की कंडिका 21.2 एवं 21.3 के तहत उसके विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

10 दिवसीय विशेष जाँच अभियान

पारदर्शिता को ज़मीन पर उतारने के लिए 28 अप्रैल से 7 मई 2025 तक प्रदेश भर में एक विशेष 10 दिवसीय जाँच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की रिपोर्ट 11 मई 2025 तक अनिवार्य रूप से तलब की गई है। यह अभियान यह सुनिश्चित करेगा कि नई क्यूआर कोड व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हो और किसी भी उल्लंघन को तत्काल चिह्नित किया जा सके।

आगे की राह

आबकारी विभाग की यह पहल उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब डिजिटल शासन को राज्य स्तर पर मज़बूत करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो इसे अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखा जा सकता है।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है — प्रदेश के दूरदराज़ के जिलों में जहाँ स्मार्टफोन पैठ और डिजिटल साक्षरता सीमित है, वहाँ यह व्यवस्था कितनी कारगर होगी, यह देखना होगा। इससे पहले भी मदिरा दुकानों पर अभियान चलाए जाते रहे हैं, लेकिन शिकायतें बंद नहीं हुईं। जब तक जिला स्तर पर निगरानी तंत्र मज़बूत नहीं होगा और उल्लंघनकर्ताओं पर वास्तव में लाइसेंस रद्द जैसी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक यह पहल केवल कागज़ी साबित हो सकती है। 11 मई की रिपोर्ट यह बताएगी कि विभाग की सख्ती महज़ घोषणा थी या ज़मीन पर भी उतरी।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

मध्य प्रदेश की शराब दुकानों पर QR कोड क्यों लगाया जा रहा है?
कई जिलों में शराब दुकान संचालकों द्वारा MRP से अधिक और MSP से कम दाम वसूलने की शिकायतों के बाद आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने यह कदम उठाया है। QR कोड स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर उस जिले की कानूनी रेट लिस्ट खुल जाएगी, जिससे मनमानी वसूली पर अंकुश लगेगा।
MP शराब दुकान पर QR कोड कैसे काम करेगा?
ई-आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेट किए गए विशेष QR कोड दुकान के प्रमुख हिस्सों पर लगाए जाएंगे। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन से इसे स्कैन करते ही संबंधित जिले की पूरी ब्रांड-वार रेट लिस्ट देख सकेंगे और मौके पर ही दाम का मिलान कर सकेंगे।
नियम उल्लंघन करने पर शराब दुकान संचालक पर क्या कार्रवाई होगी?
मध्य प्रदेश राजपत्र की कंडिका 21.2 एवं 21.3 के तहत निर्धारित MSP से कम या MRP से अधिक पर बिक्री करने पर लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त सक्सेना ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
MP में शराब दुकानों की जाँच का अभियान कब तक चलेगा?
विशेष 10 दिवसीय जाँच अभियान 28 अप्रैल से 7 मई 2025 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान की रिपोर्ट 11 मई 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी।
उपभोक्ता शराब दुकान पर मनमानी वसूली की शिकायत कहाँ करें?
उपभोक्ता अब QR कोड स्कैन कर तत्काल कानूनी दरें जाँच सकते हैं। यदि दुकान संचालक निर्धारित दरों से अलग वसूली करता है, तो इसकी शिकायत संबंधित जिले के आबकारी अधिकारी या ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है।
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