क्या मदुरै में विश्व प्रसिद्ध पालामेडु जल्लीकट्टू का आगाज़ हो गया?

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क्या मदुरै में विश्व प्रसिद्ध पालामेडु जल्लीकट्टू का आगाज़ हो गया?

सारांश

मदुरै में मट्टू पोंगल के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध जल्लीकट्टू की शुरुआत हुई। 1,000 बैल और 600 टेमर ने पंजीकरण कराया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम और नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया है। जानिए इस अनोखे खेल के बारे में और भी क्या खास है।

Key Takeaways

  • 1,000 बैल और 600 टेमर ने इस वर्ष जल्लीकट्टू में भाग लिया है।
  • सुरक्षा के लिए 2,500 पुलिसकर्मी तैनात हैं।
  • बैल और टेमर के लिए मेडिकल जांच आवश्यक है।
  • हर बैल के साथ केवल एक व्यक्ति को अनुमति है।
  • जिला प्रशासन द्वारा सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

मदुरै, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मदुरै जिले में मट्टू पोंगल के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध पालामेडु जल्लीकट्टू की शुरुआत शुक्रवार सुबह आधिकारिक शपथ ग्रहण समारोह के साथ हो चुकी है। इस अवसर पर उन सभी लोगों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने इस आयोजन में उत्कृष्ट योगदान दिया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन द्वारा किया गया।

इस वर्ष के आयोजन में कुल 1,000 बैल और 600 टेमर (बैल काबू करने वाले) ने पंजीकरण कराया है। पालामेडु में मंजमलाई नदी के किनारे स्थित अखाड़ा पूरी तैयारी के साथ है। वाडीवासल (प्रवेश द्वार), दर्शकों के लिए गैलरी, पुरस्कार मंच और दोहरी बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत 7 “टेम्पल बुल्स,” यानी गांव के सम्मानित बैलों को छोड़ने से हुई। इसके बाद ऑनलाइन परमिट नंबर के क्रम में पंजीकृत बैल अखाड़े में उतरेंगे।

बैल और टेमर, दोनों के लिए कड़ी मेडिकल जांच अनिवार्य की गई है। साउथ ज़ोन के आईजी विजयेंद्र बिदारी के नेतृत्व में 2,500 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात हैं। पालामेडु महालिंगा स्वामी मदाथु कमेटी और टाउन पंचायत ने दर्शकों के लिए पीने के पानी और शौचालय की समुचित व्यवस्था की है।

जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने निष्पक्ष और सुरक्षित मुकाबले के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बैलों के शरीर पर पाउडर या हल्दी लगाने पर उन्हें डिसक्वालीफाई किया जाएगा और मालिकों पर भविष्य में प्रतिबंध लग सकता है।

इसके साथ ही नकली परमिट, यूनिफॉर्म बदलने या नियम उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। हर बैल के साथ केवल एक व्यक्ति को अनुमति है, और नशे की हालत में पाए जाने पर तत्काल बाहर किया जाएगा। इसलिए आयोजकों को निर्देश दिया गया है कि सभी नियमों का पालन किया जाएगा।

यह आयोजन शाम 5:00 बजे तक चलेगा और कुल 11 राउंड होंगे। हर राउंड में रंग-बिरंगी यूनिफॉर्म पहने लगभग 50 टेमर हिस्सा लेंगे, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ फाइनल में पहुंचेंगे। सुरक्षा के लिए वाडीवासल के सामने 50 फीट क्षेत्र को नारियल के रेशे की मोटी परत से ढका गया है।

करीब 2 किलोमीटर लंबी पट्टी वाले पालामेडु अखाड़े की खास बनावट इसे अनोखा बनाती है। एनिमल वेलफेयर बोर्ड और पशु चिकित्सा विभाग की निगरानी में यह पारंपरिक खेल एक बार फिर जोश, परंपरा और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण पेश करेगा।

Point of View

बल्कि यह तमिलनाडु की संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पालामेडु जल्लीकट्टू हर साल हजारों लोगों को आकर्षित करता है और इसके माध्यम से स्थानीय समुदाय की एकता और समर्पण का प्रतीक बनता है। यह खेल न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य भी प्रदान करता है।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

जल्लीकट्टू क्या है?
जल्लीकट्टू एक पारंपरिक खेल है जिसमें बैल को काबू करने की कोशिश की जाती है।
पालामेडु जल्लीकट्टू कब होता है?
यह खेल हर साल मट्टू पोंगल के दौरान आयोजित होता है।
इस वर्ष कितने बैल भाग ले रहे हैं?
इस वर्ष 1,000 बैल ने पंजीकरण कराया है।
सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
2,500 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात हैं और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इस खेल में भाग लेने के लिए क्या नियम हैं?
रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ, नशे की हालत में पाए जाने पर बाहर किया जाएगा और केवल एक व्यक्ति को बैल के साथ अनुमति है।
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