क्या कर्नाटक भाजपा नेतृत्व में तालमेल का अभाव है? मंत्री प्रियांक खड़गे का बयान
सारांश
Key Takeaways
- कर्नाटक भाजपा में तालमेल की कमी
- पदयात्रा की विफलता
- डीके शिवकुमार का दिल्ली दौरा
- आर्थिक चुनौतियाँ
- प्रदेश के विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता
बेंगलुरु, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने राज्य की भाजपा इकाई के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा में तालमेल की कमी है, जिसके कारण पार्टी में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है।
प्रियांक खड़गे ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भाजपा अब राज्य में किसी भी मुद्दे पर सभा या प्रदर्शन आयोजित कर सकती है। यह उनका अधिकार है, लेकिन यह अस्वीकार नहीं किया जा सकता कि भाजपा वर्तमान में अव्यवस्था का माहौल उत्पन्न कर रही है। नेताओं के बीच समन्वय की कमी है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में भाजपा ने पदयात्रा की शुरुआत की थी, लेकिन यह यात्रा शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गई। इससे स्पष्ट है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्णयों में कोई एकता नहीं है।
प्रियांक खड़गे ने कहा कि विधानसभा में कुछ समय पहले केवल आधे विधायक उपस्थित थे, जबकि आधे अनुपस्थित थे। इससे स्पष्ट है कि इन नेताओं में प्रदेश की जनता के प्रति कोई करुणा नहीं है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग सभा का आयोजन करना चाहते हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यह तय है कि भाजपा की पिछली पदयात्रा की तरह यह सभा भी विफल होगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हमें यह नहीं देखना चाहिए कि कौन क्या कर रहा है, बल्कि हमें प्रदेश की जनता के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
प्रियांक खड़गे ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के दिल्ली दौरे पर उठ रहे सवालों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर डीके शिवकुमार दिल्ली जा रहे हैं, तो इससे किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए? संघवाद की व्यवस्था में हमें केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना होता है।
उन्हें उम्मीद है कि डीके शिवकुमार दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी या पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेंगे।
प्रियांक खड़गे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोगों को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि राहुल गांधी या कोई अन्य नेता क्या कह रहे हैं, बल्कि उन्हें सरकारी आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज हम आर्थिक मोर्चे पर जटिल दौर से गुजर रहे हैं, जहां अमेरिका द्वारा लगातार टैरिफ लगाए जा रहे हैं। भारत को इस स्थिति को स्पष्ट रूप से समझाना चाहिए।