महिला आरक्षण विधेयक पर शुभांगी अत्रे की राय: हमें आरक्षण की आवश्यकता नहीं है
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का आरक्षण: शुभांगी अत्रे ने इसे अनावश्यक बताया।
- सरकार का निर्णय: उन्होंने इसे सकारात्मक मानते हुए सराहा।
- महिलाओं की ताकत: महिलाएं सभी क्षेत्रों में सक्षम हैं।
- दोस्ती का महत्व: रिश्तों में दोस्ती को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
- जन्मदिन की तैयारी: शुभांगी 45 वर्ष की हो रही हैं।
मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। टीवी की प्रसिद्ध अंगूरी भाभी, शुभांगी अत्रे ने पिछले 10 वर्षों में इस किरदार को निभाकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है।
अभिनेत्री ने कई टेलीविजन सीरियलों में काम किया है, लेकिन असली पहचान उन्हें ‘भाभीजी घर पर हैं’ शो से मिली। हाल ही में, उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के बारे में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात की और इसे महिलाओं और देश के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
शुभांगी ने महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी राय व्यक्त करते हुए सरकार के निर्णय की सराहना की, लेकिन साथ ही कहा कि वे आरक्षण के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा, "राजनीति में महिलाओं की संख्या में वृद्धि एक अच्छी बात है, लेकिन यह विचार करने योग्य है कि ऐसा क्यों हो रहा है। हम महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से कम नहीं हैं। हमें आरक्षण की आवश्यकता नहीं है, हमें पहले से ही समानता का अधिकार मिलना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हम रक्षा, सुरक्षा, और अर्थव्यवस्था जैसे सभी क्षेत्रों में आगे हैं, और हमें किसी से कम नहीं समझा जाना चाहिए। प्रकृति ने हमें मजबूत बनाया है और हम जो चाहें उसे प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं।" इसके अलावा, शुभांगी ने रिश्तों पर भी विचार व्यक्त किए। उनका मानना है कि दोस्ती हर रिश्ते से ऊपर है और यदि वे किसी रिश्ते में आती हैं, तो पहले दोस्ती का नाम लेंगी।
अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उनके अनुभव के अनुसार, उन्हें पति-पत्नी के रिश्ते से अधिक दोस्ती का रिश्ता पसंद है। उन्होंने कहा, "कभी-कभी बहुत अकेलापन महसूस होता है, खासकर मुश्किल समय में, लेकिन अब उम्र के साथ समस्याओं का सामना करना भी सीख चुकी हूं।"
गौरतलब है कि शुभांगी 11 अप्रैल को अपना 45वां जन्मदिन मनाने वाली हैं, और वे लगातार टीवी पर सक्रिय हैं। उनकी नई फिल्म 'भाभी जी घर पर हैं' हाल ही में सिनेमा में रिलीज हुई है, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है।