महिला टी20 विश्व कप 2026: इंग्लैंड ने किया 15 सदस्यीय टीम का ऐलान, 18 वर्षीय टिली कॉर्टीन-कोलमैन को मिला पहला मौका
सारांश
Key Takeaways
- ECB ने 28 अप्रैल 2026 को महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय इंग्लैंड टीम की घोषणा की।
- 18 वर्षीय टिली कॉर्टीन-कोलमैन को पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया; उन्होंने 'द हंड्रेड' में 9 मैचों में 11 विकेट और 5.75 की इकोनॉमी दर्ज की।
- नेट साइवर-ब्रंट कप्तान और चार्ली डीन उपकप्तान नियुक्त।
- इस्सी वोंग और लॉरेन फाइलर पहली बार टी20 विश्व कप खेलेंगी।
- उंगली की चोट के कारण सारा ग्लेन टीम से बाहर।
- यही टीम न्यूज़ीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज़ में भी खेलेगी।
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने सोमवार, 28 अप्रैल 2026 को महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की, जिसमें 18 वर्षीय बाएं हाथ की अनकैप्ड स्पिन गेंदबाज टिली कॉर्टीन-कोलमैन को पहली बार राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। नेट साइवर-ब्रंट को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि चार्ली डीन उपकप्तान की भूमिका निभाएंगी। यह टूर्नामेंट इंग्लैंड की धरती पर खेला जाएगा, जो देश के महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है।
टिली कॉर्टीन-कोलमैन: युवा स्पिनर का सफर
टिली कॉर्टीन-कोलमैन ने हाल ही में संपन्न 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट में अपनी गेंदबाज़ी से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने 9 मुकाबलों में महज 5.75 की शानदार इकोनॉमी रेट से 11 विकेट चटकाए और सदर्न ब्रेव टीम को फाइनल तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। घरेलू वनडे मुकाबलों में भी उनका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है, जहाँ उन्होंने 7 पारियों में 10 विकेट हासिल किए हैं।
कोलमैन अब सोफी एक्लेस्टोन और चार्ली डीन के साथ मिलकर इंग्लैंड के स्पिन आक्रमण को नई धार देंगी। गौरतलब है कि इतनी कम उम्र में इंग्लैंड के विश्व कप दस्ते में जगह पाना उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है।
टीम में नए चेहरे और अनुपस्थिति
इस्सी वोंग और लॉरेन फाइलर को भी इस बार टीम में जगह दी गई है और दोनों अपने करियर का पहला टी20 विश्व कप खेलेंगी। वहीं, उंगली की चोट से उबर रहीं अनुभवी ऑलराउंडर सारा ग्लेन को इस बार टीम में शामिल नहीं किया गया है। यह टीम न्यूज़ीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज़ में भी हिस्सा लेगी, जो विश्व कप से पहले अभ्यास का अच्छा अवसर होगा।
कोच शार्लेट एडवर्ड्स की प्रतिक्रिया
टीम के हेड कोच शार्लेट एडवर्ड्स ने चयन प्रक्रिया की कठिनाई को स्वीकार करते हुए कहा,