राजीव रंजन का आरोप: ममता बनर्जी ने बंगाल को बेरोजगारी के संकट में धकेला, भाजपा का विकल्प नजर आ रहा है
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी का कार्यकाल बंगाल के लिए संकटपूर्ण रहा है।
- राजीव रंजन के अनुसार, बेरोजगारी एक गंभीर मुद्दा है।
- भाजपा को जनता का समर्थन प्राप्त हो सकता है।
पटना, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली पुलिस द्वारा बांग्लादेशियों को हटाने के संदर्भ में राजीव रंजन ने कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है। किसी भी देश में निवास करने के लिए वैध दस्तावेज होना आवश्यक है। अमेरिका ने भी कई लोगों को बाहर निकाला है।
टीएमसी के 74 विधायकों के टिकट कटने पर राजीव रंजन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "ममता बनर्जी ने हमारे आरोपों की पुष्टि की है। हम बार-बार बताते आए हैं कि उनके चुने हुए विधायक किसी न किसी तरीके से बंगाल पुलिस और आपराधिक गिरोहों के सहयोग से जनता को परेशान कर रहे हैं। कई लोग इतने निष्क्रिय थे कि उनकी योजनाओं का विफल होना तय था। ऐसा करने से ममता बनर्जी भी नहीं बचेंगी, उन्हें सत्ता से हटना होगा।"
ममता की धमकी पर राजीव रंजन ने कहा, "अगर ममता बनर्जी खुद को बंगाल का मानती हैं तो यह गलत है। बंगाल का मतलब है टैगोर, सुभाष चंद्र बोस और महर्षि अरविंदो घोष जैसे महान व्यक्तित्वों की भूमि। इन्होंने विश्व में भारत का नाम गर्व से ऊंचा किया है।"
राजीव रंजन ने कहा, "ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल में पश्चिम बंगाल को बेरोजगारी के दलदल में धकेल दिया है। औद्योगिकीकरण पूरी तरह से ठप हो चुका है। उनके कार्यकाल में बंगाल का विकास रुक गया है। अब वहां लोग भाजपा को एक विकल्प के रूप में देख रहे हैं। इस बार भाजपा की सरकार बनेगी।"
राजीव रंजन ने कहा, "चाहे हुमायूं कबीर हों या ओवैसी, सच्चाई यह है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी द्वारा बोए गए जहर ने कई लोगों को जन्म दिया है, जो उस जहर को और फैलाने के लिए सक्रिय होते हैं, लेकिन जब एक स्वाभाविक विकल्प उपलब्ध है, तो ऐसे भ्रष्ट तत्वों का कोई महत्व नहीं रह जाएगा और इन चुनावों में उनकी उपस्थिति का कोई मतलब नहीं होगा।"