मिशन-2027: केशव प्रसाद मौर्य की अमित शाह से मुलाकात, BJP की तीसरी जीत की रणनीति तय
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित आवास पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में संगठन को सक्रिय करने, जनसंपर्क अभियान को धार देने और केंद्र तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
मुलाकात में क्या हुई चर्चा
मौर्य ने बैठक के बाद बताया कि अमित शाह के साथ 2027 चुनाव को लेकर गहन रणनीतिक मंथन हुआ। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्रदेशभर में विशेष जनसंपर्क अभियान चलाकर 'डबल इंजन' सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाएँगे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब विधानसभा चुनाव को डेढ़ वर्ष से भी कम समय शेष है और विपक्षी दल भी अपनी ज़मीन मज़बूत करने में जुटे हैं।
योजनाओं का प्रचार होगा मुख्य हथियार
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से गरीब एवं वंचित परिवारों को मिले लाभ की जानकारी हर नागरिक तक पहुँचाई जाएगी। उन्होंने उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, पक्के आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और बुनियादी ढाँचे के विकास को BJP शासन की बड़ी उपलब्धियों के रूप में गिनाया। इसके साथ ही 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य को जनता तक पहुँचाने का भी संकल्प लिया गया।
मोदी के 12 वर्षों का उल्लेख
मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस अवधि में देश में ऐसे बड़े बदलाव हुए जो विपक्ष अपने लंबे शासनकाल में नहीं कर सका। उनके अनुसार, भारत आर्थिक मज़बूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा वैश्विक मंच पर देश की भूमिका सुदृढ़ हो रही है।
शाह के मार्गदर्शन को बताया अहम
उपमुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह के सांगठनिक अनुभव और मार्गदर्शन को संगठन तथा सरकार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण बताया। मौर्य ने कहा कि शाह के सुझावों से आगे की चुनावी रणनीति तय करने में सहायता मिलती है। गौरतलब है कि शाह को BJP के संगठनात्मक मामलों का शीर्ष रणनीतिकार माना जाता है और उत्तर प्रदेश जैसे निर्णायक राज्य में हर चुनाव से पहले इस तरह की बैठकें सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा रही हैं।
आगे की राह
बैठक के नतीजों के अनुसार, आने वाले महीनों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के साथ जनसंपर्क अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। कार्यकर्ताओं से अपेक्षा की जाएगी कि वे पूरे प्रदेश में बूथ स्तर तक सरकार की उपलब्धियों का संदेश पहुँचाएँ। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP की यह तैयारी आने वाले महीनों में और तेज़ होने के संकेत हैं।