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क्या इंदिरा गांधी की हत्या नहीं हुई होती तो वह भी लंबे समय तक पीएम बनाती रिकॉर्ड? : अधीर रंजन चौधरी

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क्या इंदिरा गांधी की हत्या नहीं हुई होती तो वह भी लंबे समय तक पीएम बनाती रिकॉर्ड? : अधीर रंजन चौधरी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिससे वह भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बने हैं। इस पर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इंदिरा गांधी और नेहरू के संदर्भ में महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। जानिए क्या कहा उन्होंने!

मुख्य बातें

मोदी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
इंदिरा गांधी की हत्या ने उनके कार्यकाल को प्रभावित किया।
नेहरू का कार्यकाल भी उनके अचानक निधन से समाप्त हुआ।
यह उपलब्धियाँ समय और परिस्थितियों पर निर्भर करती हैं।
सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं।

नई दिल्ली, २५ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए लगातार सबसे लंबे समय तक भारत के प्रधानमंत्री रहने वाले दूसरे व्यक्ति बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस उपलब्धि को रिकॉर्ड के रूप में देखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "यह सत्ता में रहने की बात है, कोई रिकॉर्ड बनाने का नहीं। इंदिरा गांधी की हत्या नहीं हुई होती तो वह भी लंबे समय तक प्रधानमंत्री रह सकती थी। इसी तरह जवाहरलाल नेहरू का कार्यकाल भी उनके निधन के कारण समाप्त हुआ। अगर ऐसा नहीं होता तो वह भी लंबे समय तक पद पर बने रहते।"

चौधरी ने आगे कहा, "यह कोई रिकॉर्ड बनाने की बात नहीं है। व्यक्ति की आयु जितनी होती है, वह उतने दिन जीवित रहता है, चाहे वह सत्ता में हो या बाहर। इंदिरा गांधी की हत्या उनके सिख अंगरक्षकों ने की, जिसके कारण उन्हें अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने का मौका नहीं मिला। जवाहरलाल नेहरू के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनका कार्यकाल अचानक निधन के कारण समाप्त हो गया। इसमें श्रेय लेने की कोई बात नहीं है।"

कांग्रेस नेता ने सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "मुझे आश्चर्य हो रहा है कि इसे श्रेय लेने का मुद्दा कैसे बनाया जा रहा है। यह सरकार की आदत बन चुकी है कि हर चीज को उपलब्धि के रूप में पेश किया जाता है, जो ठीक नहीं है।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सत्ता में लंबे समय तक बने रहना कोई असाधारण उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह परिस्थितियों और समय का हिस्सा है। इसे महज एक संयोग के रूप में देखा जाना चाहिए। इस तरह की तुलनाओं से देश का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने की कोशिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सत्ता में लंबे समय तक बने रहना हमेशा किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं होती। यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे परिस्थितियाँ और समय। इस पर चर्चा करते हुए, हमें वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धि का क्या महत्व है?
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया है, जो ऐतिहासिक है।
अधीर रंजन चौधरी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह कोई रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि परिस्थितियों का परिणाम है।
इंदिरा गांधी और नेहरू का कार्यकाल क्यों समाप्त हुआ?
इंदिरा गांधी की हत्या और नेहरू का निधन उनके कार्यकाल को समाप्त करने वाले प्रमुख कारण थे।
राष्ट्र प्रेस
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