मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे जलूद में ₹271 करोड़ के 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण

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मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे जलूद में ₹271 करोड़ के 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण

सारांश

इंदौर नगर निगम का ₹271 करोड़ का 60 मेगावाट सौर संयंत्र सिर्फ बिजली नहीं, बचत भी लाएगा — मार्च में पहले महीने ही ₹3.6 करोड़ की बचत हो चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव 29 अप्रैल को इसका लोकार्पण करेंगे, जो इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अप्रैल को जलूद, खरगोन में 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण करेंगे।
  • परियोजना की कुल कर रहित लागत ₹271.16 करोड़; वित्तपोषण में ₹42 करोड़ वायबिलिटी गैप फंडिंग और ₹244 करोड़ पब्लिक ग्रीन बॉण्ड शामिल।
  • वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 9.73 करोड़ यूनिट; मासिक बचत ₹3 से ₹4 करोड़ अनुमानित।
  • कमीशनिंग 3 मार्च को पूर्ण; पहले माह में 66 लाख यूनिट उत्पादन से ₹3.6 करोड़ की बचत।
  • संयंत्र डीसीआर मोनो पीईआरसी (मेड इन इंडिया) तकनीक पर आधारित; 210.84 एकड़ भूमि पर स्थापित।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अप्रैल को खरगोन जिले के दौरे पर मंडलेश्वर अनुभाग के जलूद में 60 मेगावाट क्षमता के कैप्टिव सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण करेंगे। इंदौर नगर निगम द्वारा स्थापित यह संयंत्र ₹271 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार किया गया है और इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

परियोजना का विवरण

ग्राम समराज और आशुखेड़ी में 210.84 एकड़ भूमि पर स्थापित इस संयंत्र की कर रहित कुल लागत ₹271.16 करोड़ है, जिसमें 10 वर्षों की ओएंडएम (संचालन एवं रखरखाव) राशि भी सम्मिलित है। यह परियोजना भारत सरकार की सीपीएसयू फेस-II योजना के अंतर्गत क्रियान्वित की गई है।

वित्तपोषण के लिहाज से इंदौर नगर निगम को ₹42 करोड़ की वायबिलिटी गैप फंडिंग तथा ₹244 करोड़ पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। यह संयंत्र अत्याधुनिक डीसीआर (मेड इन इंडिया) मोनो पीईआरसी तकनीक पर आधारित है।

उत्पादन और उपयोग

संयंत्र का वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 9.73 करोड़ यूनिट है। उत्पादित विद्युत का उपयोग जलूद पंपिंग स्टेशन एवं ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा। इस प्रकार यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ शहरी परिवहन के विद्युतीकरण को भी सहयोग देगी।

आर्थिक बचत और कमीशनिंग

संयंत्र की कमीशनिंग 3 मार्च को सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है। मार्च माह में ही 66 लाख यूनिट उत्पादन के परिणामस्वरूप इंदौर नगर निगम को लगभग ₹3.6 करोड़ की बचत हुई है। परियोजना से मासिक ₹3 से ₹4 करोड़ की बचत अनुमानित की गई है, जो दीर्घकाल में नगर निगम की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करेगी।

पर्यावरण और आत्मनिर्भरता पर असर

यह परियोजना इंदौर को कार्बन न्यूट्रल शहर बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। गौरतलब है कि इंदौर लगातार कई वर्षों से स्वच्छता सर्वेक्षण में अग्रणी रहा है, और अब स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह संयंत्र मध्यप्रदेश के शहरी ऊर्जा प्रबंधन का एक नया अध्याय लिखेगा।

Point of View

असली परीक्षा दीर्घकालिक ओएंडएम प्रबंधन और उत्पादन लक्ष्यों की निरंतरता में होगी, जो अक्सर सार्वजनिक परियोजनाओं में कमज़ोर कड़ी साबित होती है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

जलूद सौर ऊर्जा संयंत्र क्या है और इसे किसने बनाया?
जलूद सौर ऊर्जा संयंत्र खरगोन जिले के मंडलेश्वर अनुभाग में स्थित 60 मेगावाट क्षमता का कैप्टिव सौर संयंत्र है, जिसे इंदौर नगर निगम ने भारत सरकार की सीपीएसयू फेस-II योजना के अंतर्गत ₹271.16 करोड़ की लागत से स्थापित किया है।
इस परियोजना से इंदौर को कितनी बचत होगी?
मार्च माह में 66 लाख यूनिट उत्पादन से इंदौर नगर निगम को ₹3.6 करोड़ की बचत हो चुकी है। परियोजना से मासिक ₹3 से ₹4 करोड़ की बचत अनुमानित है।
इस सौर संयंत्र से उत्पन्न बिजली का उपयोग कहाँ होगा?
उत्पादित विद्युत का उपयोग जलूद पंपिंग स्टेशन और ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों के संचालन में किया जाएगा। संयंत्र का वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 9.73 करोड़ यूनिट है।
परियोजना का वित्तपोषण कैसे हुआ?
इंदौर नगर निगम को ₹42 करोड़ की वायबिलिटी गैप फंडिंग और ₹244 करोड़ पब्लिक ग्रीन बॉण्ड के माध्यम से प्राप्त हुए। यह भारत सरकार की सीपीएसयू फेस-II योजना के तहत वित्तपोषित है।
यह संयंत्र इंदौर को कार्बन न्यूट्रल बनाने में कैसे मदद करेगा?
यह संयंत्र कोयला-आधारित बिजली की जगह स्वच्छ सौर ऊर्जा का उपयोग सुनिश्चित करेगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह इंदौर की कार्बन न्यूट्रल शहर बनने की व्यापक रणनीति का अहम हिस्सा है।
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