दिल्ली-एनसीआर मौसम 17-22 अक्टूबर: दिन 33°C, रातें सुहावनी; आनंद विहार AQI 348 'रेड जोन' में
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में 17 अक्टूबर 2026 से मौसम के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं — दोपहर में चुभती धूप और रात में हल्की ठंडक। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, 17 से 22 अक्टूबर के बीच दिन का अधिकतम तापमान 32-33 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 19-20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस मौसमी बदलाव का एक गंभीर पहलू यह है कि ठंडी रातें प्रदूषकों को नीचे थाम लेती हैं, जिससे वायु गुणवत्ता तेज़ी से बिगड़ रही है।
मुख्य मौसम पूर्वानुमान
IMD के अनुसार, 17 और 18 अक्टूबर को आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) 65 से 90 प्रतिशत के बीच रहेगी।
20 अक्टूबर से रात का पारा एक डिग्री और गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाएगा। 21 और 22 अक्टूबर को दिन का तापमान बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, हालाँकि बारिश की कोई संभावना अभी नहीं जताई गई है।
आनंद विहार सबसे प्रदूषित, AQI 348 'रेड जोन' में
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 348 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' यानी रेड जोन श्रेणी में आता है। यह राजधानी के सभी निगरानी केंद्रों में सबसे ऊँचा आंकड़ा है।
अन्य प्रभावित क्षेत्रों में बवाना में AQI 171, बुराड़ी क्रॉसिंग में 146 और अलीपुर में 136 दर्ज किया गया — ये सभी 'मध्यम प्रदूषण' यानी पीली श्रेणी में हैं।
गाजियाबाद की स्थिति भी चिंताजनक
एनसीआर के गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार, लोनी में AQI 254 (खराब श्रेणी), इंदिरापुरम में 218, वसुंधरा में 204 और संजय नगर में 187 दर्ज हुआ।
गोविंदपुरम में AQI 126, वेद विहार-लोनी में 124 और वेव सिटी में 160 रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह संख्याएँ आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं यदि हवा की रफ़्तार नहीं बढ़ी।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में तेज़ धूप और रात में तापमान गिरने के कारण वायुमंडल में 'इनवर्जन' की स्थिति बन जाती है — जिसमें ठंडी हवा की परत प्रदूषकों को ज़मीन के करीब थाम लेती है। इससे धूल और रासायनिक कण हवा में जमा होते रहते हैं और AQI बिगड़ता जाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में हर साल अक्टूबर-नवंबर के दौरान पराली जलाने और वाहन प्रदूषण के कारण हवा 'गंभीर' श्रेणी तक पहुँच जाती है। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों में इस मौसम में AQI 400 को पार कर चुका है।
आम जनता पर असर और आगे की स्थिति
CPCB की गाइडलाइन के अनुसार, 'बहुत खराब' श्रेणी (AQI 301-400) में बाहरी गतिविधियाँ सीमित करने, मास्क पहनने और वृद्धों व बच्चों को घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है। आनंद विहार जैसे 'रेड जोन' क्षेत्रों के निवासियों के लिए यह सावधानी विशेष रूप से ज़रूरी है।
यदि अगले कुछ दिनों में हवा की रफ़्तार नहीं बढ़ी और रातें और ठंडी होती गईं, तो विशेषज्ञों के अनुसार AQI और खराब होने की आशंका है। मौसम में बदलाव के संकेत मिलने तक दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को वायु प्रदूषण से सतर्क रहने की ज़रूरत बनी रहेगी।