क्या नितिन नबीन के हाथों में होगी सबसे बड़ी पार्टी की कमान?
सारांश
Key Takeaways
- नितिन नबीन का नामांकन बिहार के लिए ऐतिहासिक है।
- भाजपा के युवा नेतृत्व की ओर बढ़ने का संकेत।
- प्रधानमंत्री मोदी और अन्य शीर्ष नेताओं का समर्थन।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के युवा नेता और पूर्व बिहार सरकार में मंत्री, वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 19 जनवरी को भाजपा के अध्यक्ष के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि यह पहली बार हो रहा है जब बिहार से कोई सबसे बड़ी पार्टी का अध्यक्ष बनने जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि 19 जनवरी को नितिन नबीन नामांकन करेंगे। यह भारतीय जनता पार्टी में एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और इसी प्रक्रिया के तहत नितिन नबीन अपना नामांकन दाखिल करेंगे। बिहार के लिए यह ऐतिहासिक पल है, जब कोई राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहा है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने एक 45 वर्षीय युवा को चुना है, और यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मिलकर लिया है। इसे एक उत्कृष्ट निर्णय माना जा रहा है, और नामांकन के बाद नितिन नबीन अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे। यह पूरे देश में एक नया संदेश भेजेगा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का नेतृत्व एक 45 वर्षीय व्यक्ति के हाथों में होगा।
भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है, क्योंकि नितिन नबीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। पूरी पार्टी, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। इससे बड़ा गर्व और क्या हो सकता है।
नितिन नबीन के नामांकन की पूर्व संध्या पर भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय को होर्डिंग्स, बैनर और रंगीन लाइटों से सजाया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया के तहत, सोमवार को शीर्ष नेताओं के मुख्यालय में इकट्ठा होने की उम्मीद है।
यह उल्लेखनीय है कि 15 दिसंबर 2025 को नितिन नबीन ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। नितिन नबीन एक अनुभवी संगठनकर्ता, 5 बार निर्वाचित विधायक और जनसेवा के प्रति समर्पित नेता हैं। युवा मोर्चा से लेकर राज्य सरकार में मंत्री पद और राष्ट्रीय संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तक, उनकी राजनीतिक यात्रा अनुशासन, मेहनत और जनविश्वास की एक प्रेरणादायक कहानी है।