क्या सीएम नीतीश कुमार 'समृद्धि यात्रा' पर निकलेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- समृद्धि यात्रा का उद्देश्य विकास योजनाओं की वास्तविकता जानना है।
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता से सीधे संवाद करेंगे।
- यात्रा के दौरान विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास होगा।
- यह यात्रा बिहार की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- मुख्यमंत्री की यह यात्रा 2025-2030 के विकास योजना का हिस्सा है।
पटना, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से प्रदेश की विकास योजनाओं की वास्तविकता जानने के लिए यात्रा पर निकलने वाले हैं। इस यात्रा का नाम 'समृद्धि यात्रा' रखा गया है। मुख्यमंत्री इस यात्रा के दौरान राज्य के सभी जिलों का दौरा करेंगे, जहाँ वे विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का अवलोकन करेंगे और जनता से सीधा संवाद करेंगे।
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस यात्रा को लेकर सभी विभागों के प्रधान सचिव और जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के अंतर्गत चल रही विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा पर निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले लोग अपने घरों में दुबक जाते थे, लेकिन आज मुख्यमंत्री कड़ाकड़ाती ठंड में भी यात्रा पर जा रहे हैं।
यह यात्रा निजी संपत्ति के विकास या पारिवारिक राजनीतिक समायोजन के लिए नहीं, बल्कि बिहार को समृद्ध बनाने में सात निश्चय द्वारा की गई योजनाओं और घोषणाओं के कार्यान्वयन की वास्तविकता जानने के लिए है। इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री जनता के साथ सीधा संवाद करेंगे।
मुख्यमंत्री की यह समृद्धि यात्रा बिहार की समृद्धि का एक महत्वपूर्ण कारक साबित होगी और 2025-2030 के सात निश्चय पार्ट तीन में बिहार को एक विकसित राज्य बनाने में सहायक होगी।
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी यात्रा पर निकल रहे हैं। इससे पहले वे जल, जीवन, हरियाली यात्रा, समाधान यात्रा और प्रगति यात्रा सहित कई अन्य यात्राएँ कर चुके हैं।