22 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होर्मुज स्ट्रेट में कुवैती टैंकर पर हमला: 21 भारतीय नाविक सुरक्षित, मंत्री सोनोवाल ने दी जानकारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होर्मुज स्ट्रेट में कुवैती टैंकर पर हमला: 21 भारतीय नाविक सुरक्षित, मंत्री सोनोवाल ने दी जानकारी

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट में एक हफ्ते के अंदर दूसरा बड़ा हमला — इस बार कुवैती टैंकर एम/टी अल दसमा निशाने पर। 21 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, लेकिन हमलों का यह सिलसिला दर्शाता है कि दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग पर खतरा तेज़ी से बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी अल दसमा पर 21 अक्टूबर को होर्मुज स्ट्रेट में अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ।
जहाज पर सवार 21 भारतीय नाविक और शेष सभी चालक दल सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर पोस्ट कर घटना की पुष्टि की और जहाज प्रबंधन कंपनी से निरंतर संपर्क की बात कही।
UKMTO के अनुसार हमला ओमान के बुखा से 11 नॉटिकल मील पश्चिम में हुआ; जहाज पर लगी आग बुझा दी गई।
मात्र पाँच दिन पहले 16 अक्टूबर को भी टैंकर एमटी एसटी 3 पर इसी जलमार्ग में हमला हुआ था, जिसमें 15 भारतीय नाविक सवार थे।
भारत ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को 'कानूनी और नैतिक रूप से अक्षम्य' बताते हुए अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा का आह्वान किया है।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी अल दसमा पर 21 अक्टूबर को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसमें सवार 21 भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि भारत सरकार स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

घटनाक्रम: कब और कहाँ हुआ हमला

यह हमला स्थानीय समय के अनुसार बुधवार, 21 अक्टूबर को उस समय हुआ जब एम/टी अल दसमा होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी इस हमले को ट्रैक किया और बताया कि यह घटना ओमान के बुखा से 11 नॉटिकल मील पश्चिम में हुई।

रिपोर्टों के अनुसार, हमले के बाद जहाज पर आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा दिया गया। टैंकर घटनास्थल पर रुका हुआ है और समस्त चालक दल सुरक्षित है।

मंत्री सोनोवाल की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "21 अक्टूबर को कुवैत के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी अल दसमा पर, जिसमें 21 भारतीय नाविक थे, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। हमारे सभी 21 भारतीय चालक दल के सदस्य बाकी क्रू के साथ पूरी तरह से सुरक्षित हैं।"

उन्होंने यह भी कहा, "हम लगातार स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और अपने नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ निकट संपर्क में हैं।"

हमलों की बढ़ती श्रृंखला

यह घटना खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की पृष्ठभूमि में हुई है। गौरतलब है कि मात्र पाँच दिन पहले, 16 अक्टूबर को भी होर्मुज स्ट्रेट में ही कच्चे तेल के टैंकर एमटी एसटी 3 पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था, जिसमें 15 भारतीय नाविक सवार थे — उस घटना में भी सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित रहे थे।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर खतरा लगातार गहरा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का सबसे संकरा और महत्त्वपूर्ण मार्ग है — दुनिया के कुल तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है।

भारत का रुख और राजनयिक पृष्ठभूमि

नई दिल्ली ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच समुद्री जहाजों पर हमलों की कई बार कड़ी निंदा की है। भारत सरकार ने कई मौकों पर दोहराया है कि वाणिज्यिक जहाजों और व्यापारी नाविकों पर सभी हमले 'कानूनी और नैतिक रूप से अक्षम्य' हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता और समुद्री व्यापार के निर्बाध प्रवाह पर ज़ोर देना जारी रखा है।

यह भारत के लिए विशेष रूप से संवेदनशील मुद्दा है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक वैश्विक व्यापारी नौसेना में कार्यरत हैं और इन संकटग्रस्त जलमार्गों से नियमित रूप से गुजरते हैं।

आगे क्या होगा

भारत सरकार जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ समन्वय बनाए हुए है और UKMTO व अन्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान जारी है। टैंकर की स्थिति और हमलावर प्रोजेक्टाइल के स्रोत की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि हमलों का यह सिलसिला जारी रहता है, तो भारत पर वैश्विक समुद्री सुरक्षा तंत्र में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का दबाव बढ़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक स्पष्ट पैटर्न है जो भारत की समुद्री कूटनीति की सीमाओं को उजागर करता है। भारत निंदा करता आया है, लेकिन इन जलमार्गों पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस बहुपक्षीय तंत्र में उसकी भूमिका अभी भी अस्पष्ट है। दुनिया के कुल तेल प्रवाह का बड़ा हिस्सा होर्मुज से गुजरता है और भारतीय ऊर्जा आयात इस मार्ग पर निर्भर है — ऐसे में 'निंदा' से आगे बढ़कर एक सक्रिय समुद्री सुरक्षा रणनीति की ज़रूरत और प्रासंगिक हो गई है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में एम/टी अल दसमा पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 21 अक्टूबर को होर्मुज स्ट्रेट में हुआ, ओमान के बुखा से 11 नॉटिकल मील पश्चिम में। UKMTO ने इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि की है।
एम/टी अल दसमा पर सवार भारतीय नाविक सुरक्षित हैं?
हाँ, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि जहाज पर सवार सभी 21 भारतीय नाविक और शेष चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। जहाज पर लगी आग को भी बुझा दिया गया।
क्या इससे पहले भी होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों वाले टैंकर पर हमला हुआ था?
हाँ, मात्र 5 दिन पहले 16 अक्टूबर को टैंकर एमटी एसटी 3 पर भी होर्मुज स्ट्रेट में प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था, जिसमें 15 भारतीय नाविक सवार थे। उस घटना में भी सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित बचे थे।
भारत सरकार ने इस हमले पर क्या कदम उठाए हैं?
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि सरकार स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ निकट संपर्क में है। भारत ने पहले भी वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को 'कानूनी और नैतिक रूप से अक्षम्य' बताया है।
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले क्यों हो रहे हैं?
ये हमले मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हो रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार का सबसे संवेदनशील मार्ग है। हमलावर प्रोजेक्टाइल के स्रोत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले