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असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी के दोहरे चेहरे का किया खुलासा

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असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी के दोहरे चेहरे का किया खुलासा

सारांश

असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि ममता का चेहरा दोहरा है। जानिए इस विवाद पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की आबादी 29 प्रतिशत है।
उर्दू में घोषणापत्र जारी करने का उद्देश्य मुसलमानों को आकर्षित करना है।

पटना, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनका चेहरा दोहरा है।

पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा 2026 के लिए उर्दू में चुनाव घोषणापत्र जारी करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ममता बनर्जी का दोहरा चेहरा स्पष्ट है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष उच्च न्यायालय ने पांच लाख पिछड़े जाति के प्रमाणपत्र रद्द कर दिए थे, जिनमें लगभग तीन लाख मुसलमानों के प्रमाणपत्र शामिल थे, लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। ऐसे में वे उर्दू में घोषणापत्र जारी कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की 29 प्रतिशत आबादी है, जिनमें से केवल 7 प्रतिशत सरकारी नौकरियों में हैं। मुसलमानों में स्कूल ड्रॉपआउट की दर सबसे अधिक है और उनकी साक्षरता दर भी बहुत कम है। मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक गरीबी पाई जाती है।

बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाने पर उन्होंने कहा, "क्या वास्तव में यह बन रही है?" और तंज करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में तो "खेला" हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार चुनाव में भी ऐसा ही आचरण देखने को मिला था, जिसका जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। जिन राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, वहां भी इसका कोई असर होने की संभावना नहीं है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है। टीएमसी और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। इस स्थिति में, टीएमसी से निष्कासित हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ मिलकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी चुनावी मैदान में कदम रखा है। उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र को उर्दू में जारी किया है, जिस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी बयानों का महत्व निहित है। यह मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण है और इसके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए हैं?
ओवैसी ने कहा कि ममता बनर्जी का चेहरा दोहरा है और उन्होंने पिछड़े जातियों के प्रमाणपत्र रद्द होने पर कोई चर्चा नहीं की।
पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की आबादी कितनी है?
पश्चिम बंगाल में मुसलमानों की आबादी लगभग 29 प्रतिशत है।
ममता बनर्जी ने उर्दू में घोषणापत्र क्यों जारी किया?
ममता बनर्जी ने उर्दू में घोषणापत्र जारी किया है ताकि मुसलमानों को अपने पक्ष में लाया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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