क्या ओवैसी की राजनीति 'बांटो और राज करो' के सिद्धांत पर आधारित है? : पूनम महाजन

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क्या ओवैसी की राजनीति 'बांटो और राज करो' के सिद्धांत पर आधारित है? : पूनम महाजन

सारांश

भाजपा नेता पूनम महाजन ने ओवैसी की राजनीति पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि ओवैसी की राजनीति 'बांटो और राज करो' के सिद्धांत पर आधारित है। क्या ये बयान सही हैं? जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • ओवैसी की राजनीति को 'बांटो और राज करो' की नीति पर आधारित बताया गया।
  • पूनम महाजन ने मुंबई के विकास के लिए भाजपा की योजनाओं को रेखांकित किया।
  • हिजाब पहनने वाली महिला के मेयर बनने पर ओवैसी का बयान चर्चा का विषय बना।
  • महाजन ने मराठी भाषा के महत्व पर भी जोर दिया।
  • वोट जिहाद के मुद्दे पर भी महाजन ने अपने विचार रखे।

मुंबई, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा की नेता पूनम महाजन ने एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने हिजाब पहनने वाली महिला के मेयर बनने की बात कही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवैसी की राजनीति पूरी तरह से “बांटो और राज करो” की नीति पर निर्भर करती है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में पूनम महाजन ने कहा कि ओवैसी भाषण देने में बहुत कुशल और अनुभवी हैं, लेकिन वे अपने अनुभव का उपयोग सकारात्मक राजनीति में नहीं करते। एआईएमआईएम, कांग्रेस की एक शाखा के समान कार्य करती है, जो केवल मुसलमानों के हितों की बात करती है, न कि देश और समाज के सामूहिक हितों की। ओवैसी हर मुद्दे को हिंदू-मुसलमान के दृष्टिकोण से देखते हैं।

पूनम महाजन ने कहा कि ओवैसी कभी भी मुंबईवासियों की मूलभूत समस्याओं जैसे कि पानी की कमी या पाइपलाइन से संबंधित मुद्दों पर बात नहीं करेंगे। क्या पानी की पाइपलाइन केवल हिंदुओं के लिए होती है, मुसलमानों को नहीं मिलती?

भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि वे एआईएमआईएम को राजनीतिक रूप से गिनती में भी नहीं मानतीं। भाजपा के आधे से अधिक कॉरपोरेटर मराठी हैं और पार्टी के पास मुंबई के विकास के लिए स्पष्ट और ठोस योजना है, जबकि एआईएमआईएम के पास विकास का कोई रोडमैप नहीं है। पूनम महाजन ने दोहराया कि मुंबई का मेयर भूमि पुत्र, मराठी मानुष और हिंदू ही बनेगा।

मराठी मानुष के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनम महाजन ने कहा कि वे महाराष्ट्र में पली-बढ़ी हैं, मराठी में सोचती हैं और मुंबई को गहराई से समझती हैं। मराठी भाषा की जड़ घर से शुरू होनी चाहिए, क्योंकि यह हमारी मातृभाषा है। मातृभाषा के नाम पर केवल राजनीति करना और जमीनी स्तर पर कोई काम न करना उचित नहीं है।

उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा दिया है। भले ही प्रधानमंत्री मराठी नहीं हैं, लेकिन वे मराठी भाषा के महत्व और उसकी प्राचीनता को भली-भांति समझते हैं।

‘वोट जिहाद’ के मुद्दे पर पूनम महाजन ने कहा कि विपक्षी दल हमेशा से धार्मिक आधार पर चुनाव लड़ते रहे हैं। उन्होंने 2019 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वोट जिहाद देखने को मिला, जब चुनाव जीतने के बाद शिवसेना ने कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया, जबकि शिवसेना खुद को हिंदुत्व की पार्टी बताती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस खुले तौर पर एक जाति और एक धर्म के लिए राजनीति करती है।

पूनम महाजन ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई में कुछ दल ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति पर चुनाव लड़ रहे हैं और इसे वोट जिहाद का नाम दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुंबईकर सब कुछ समझते हैं और ऐसे प्रयासों का जवाब सही समय पर देंगे।

Point of View

NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

ओवैसी की राजनीति पर पूनम महाजन का क्या कहना है?
पूनम महाजन का कहना है कि ओवैसी की राजनीति 'बांटो और राज करो' की नीति पर आधारित है।
क्या ओवैसी मुंबई के विकास के लिए काम कर रहे हैं?
महाजन का आरोप है कि ओवैसी केवल मुसलमानों के हितों की बात करते हैं, न कि मुंबई के विकास की।
क्या भाजपा एआईएमआईएम को राजनीतिक रूप से महत्व देती है?
पूनम महाजन ने स्पष्ट कहा कि वे एआईएमआईएम को राजनीतिक रूप से गिनती में भी नहीं मानतीं।
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