24 अक्टूबर 2026
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पटना के मंदिर परिसर में डेढ़ साल के मासूम की हत्या, बड़े भाई को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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पटना के मंदिर परिसर में डेढ़ साल के मासूम की हत्या, बड़े भाई को पुलिस ने किया गिरफ्तार

सारांश

पटना के जीतनछपरा गाँव में एक मंदिर परिसर डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या का गवाह बना। आरोप है कि करीब 20 वर्षीय बड़े भाई अजीत ने धारदार हथियार से बच्चे की जान ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है; हत्या की वजह अभी अस्पष्ट है।

मुख्य बातें

24 अक्टूबर 2026 को पटना के जीतनछपरा गाँव के मंदिर परिसर में डेढ़ वर्षीय मनोज उर्फ हनुमान की हत्या का मामला सामने आया।
आरोपी बड़ा भाई अजीत (लगभग 20 वर्ष ) पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से घटनास्थल के निकट गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार हत्या धारदार हथियार (दबिया) से गला रेतकर की गई।
वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह के लिए FSL टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार शर्मा के अनुसार हत्या का मकसद अभी अस्पष्ट है, जाँच जारी है।

पटना के रानीतालाब थाना क्षेत्र के जीतनछपरा गाँव में 24 अक्टूबर 2026 को एक स्तब्ध करने वाली घटना सामने आई, जब एक युवक ने मंदिर परिसर में अपने डेढ़ वर्षीय छोटे भाई की कथित तौर पर गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटनास्थल के निकट ही ग्रामीणों की मदद से हिरासत में ले लिया।

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11:50 बजे रानीतालाब थाना को जीतनछपरा गाँव से एक बच्चे की हत्या की सूचना मिली। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस दल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचा। मृतक शिशु की पहचान मनोज उर्फ हनुमान के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब डेढ़ वर्ष बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने दबिया (धारदार हथियार) से मंदिर परिसर के भीतर बच्चे की गला रेतकर हत्या की। घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी सूचित किया गया है।

आरोपी की पहचान

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, जीतनछपरा के निवासी रंजू यादव ट्रैक्टर चालक हैं और उनके तीन बेटे हैं। आरोपी का नाम अजीत है, जिसकी उम्र करीब 20 वर्ष बताई जा रही है। मृतक मनोज उर्फ हनुमान उसका सबसे छोटा भाई था।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

पालीगंज-02 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से आरोपी को समय रहते हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की जाँच जारी है और घटना से संबंधित अन्य तथ्य जाँच के दौरान सामने आ सकते हैं।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, हत्या के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले में नियमानुसार अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।

आम जनता पर असर

मंदिर जैसी पवित्र जगह पर इस तरह की वारदात सामने आने से गाँव में गहरा आक्रोश और स्तब्धता का माहौल है। स्थानीय ग्रामीण इस घटना से हिले हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में परिजनों द्वारा नाबालिगों के विरुद्ध अपराध की घटनाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस FSL टीम की रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर हत्या के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार शर्मा के अनुसार, जाँच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हत्या का मकसद अभी अज्ञात है — यह रहस्य ही असली जाँच का केंद्र है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर गिरफ्तारी पर रुक जाती है; परंतु असली सवाल यह है कि एक 20 वर्षीय युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया और परिवार में किस तरह का दबाव या संघर्ष था।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना के मंदिर परिसर में हत्या की घटना क्या है?
24 अक्टूबर 2026 को पटना के जीतनछपरा गाँव में एक मंदिर परिसर के भीतर लगभग 20 वर्षीय अजीत ने अपने डेढ़ वर्षीय छोटे भाई मनोज उर्फ हनुमान की कथित तौर पर धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल के निकट ही गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी अजीत को कैसे पकड़ा गया?
रानीतालाब थाना पुलिस को सुबह करीब 11:50 बजे सूचना मिलने के बाद टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुँची। ग्रामीणों के सहयोग से आरोपी अजीत को हिरासत में ले लिया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि की।
हत्या की वजह क्या बताई जा रही है?
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जाँच में हत्या का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। FSL टीम घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर रही है और आगे की जाँच के बाद ही कारण सामने आएगा।
मृतक बच्चे और आरोपी के परिवार के बारे में क्या जानकारी है?
पुलिस के अनुसार मृतक मनोज उर्फ हनुमान और आरोपी अजीत, दोनों जीतनछपरा निवासी ट्रैक्टर चालक रंजू यादव के बेटे हैं। रंजू यादव के कुल तीन बेटे हैं; मृतक सबसे छोटा था।
आगे इस मामले में क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस FSL टीम की रिपोर्ट और आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले की जाँच जारी रखेगी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार शर्मा के अनुसार नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है और जाँच पूरी होने पर घटना के सभी पहलू स्पष्ट होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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