22 अक्टूबर 2026
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पीथमपुर सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रॉली की टक्कर में दो सगे भाई और चचेरी बहन की मौत

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पीथमपुर सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रॉली की टक्कर में दो सगे भाई और चचेरी बहन की मौत

सारांश

पीथमपुर के महू-नीमच राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रॉली ने मोटरसाइकिल को रौंद दिया — तीन स्कूली बच्चे, दो सगे भाई और उनकी चचेरी बहन, मौके पर दम तोड़ गए। ट्रॉली चालक फरार है। यह हादसा औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर सवाल खड़ा करता है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के पीथमपुर में 22 अक्टूबर 2026 को तेज रफ्तार ट्रॉली की टक्कर से तीन स्कूली बच्चों की मौत हुई।
मृतकों की पहचान कक्षा 9 के प्रियांश , कक्षा 5 के मोक्ष और कक्षा 7 की आरुषि के रूप में हुई — तीनों उत्कर्ष आंगन कॉलोनी के निवासी।
हादसा महू-नीमच राजमार्ग पर सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास महेंद्र पुल के निकट हुआ।
हादसे के बाद ट्रॉली चालक फरार ; भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
शवों को पीथमपुर सिविल अस्पताल भेजा गया; पुलिस जाँच जारी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज हो रहे हैं।

मध्य प्रदेश के औद्योगिक नगर पीथमपुर में 22 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई — जिनमें दो सगे भाई और उनकी चचेरी बहन शामिल थे। महू-नीमच राजमार्ग पर सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास महेंद्र पुल के निकट एक तेज रफ्तार ट्रॉली ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी, जिससे तीनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार यह हादसा सेक्टर-1 पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ।

मृतकों की पहचान

मृतकों की पहचान कक्षा 9 के छात्र प्रियांश, कक्षा 5 में पढ़ने वाले उनके छोटे भाई मोक्ष, और कक्षा 7 की छात्रा उनकी चचेरी बहन आरुषि के रूप में हुई है। तीनों बच्चे पीथमपुर की उत्कर्ष आंगन कॉलोनी के निवासी थे।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रियांश गुरुवार को स्कूल नहीं गया था। दोपहर में कक्षाएँ समाप्त होने के बाद वह अपने छोटे भाई और चचेरी बहन को घर लाने के लिए मोटरसाइकिल पर निकला था। तीनों जब वापस लौट रहे थे, तभी सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास एक तेज रफ्तार ट्रॉली ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों की मौके पर ही जान चली गई।

स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन

हादसे की खबर फैलते ही परिवार के सदस्य और स्थानीय निवासी दुर्घटनास्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने मृतक बच्चों में से एक का शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे महू-नीमच राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थानीय निवासियों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद एक टीम मौके पर पहुँची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए पीथमपुर सिविल अस्पताल भेजा गया और परिवारों को सूचित किया गया।

चालक फरार, मामला दर्ज

पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद ट्रॉली चालक मौके से फरार हो गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

जाँच जारी, यातायात बहाल

क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल को सड़क से हटाने के बाद महू-नीमच राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की जाँच जारी है। गौरतलब है कि पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही सड़क सुरक्षा के लिए लगातार चुनौती बनी रहती है — यह हादसा उसी गंभीर समस्या की ओर एक बार फिर ध्यान दिलाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कार्रवाई नहीं होती। पीथमपुर जैसे घने औद्योगिक गलियारों में, जहाँ स्कूल और आवासीय कॉलोनियाँ मालवाहक मार्गों के साथ सटी हैं, गति नियंत्रण और वाहन-जाँच की व्यवस्था कागज़ों पर है। चालक का फरार हो जाना यह भी दर्शाता है कि सड़क हिट-एंड-रन मामलों में जवाबदेही तंत्र कितना कमज़ोर है। तीन बच्चों की मौत के बाद यदि सिर्फ मामला दर्ज होकर जाँच 'जारी' रहती है, तो अगली ऐसी दुर्घटना तय है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीथमपुर सड़क हादसे में कौन-से बच्चे मारे गए?
हादसे में तीन स्कूली बच्चे — कक्षा 9 के प्रियांश, कक्षा 5 के उनके छोटे भाई मोक्ष और कक्षा 7 की उनकी चचेरी बहन आरुषि — की मौत हुई। तीनों पीथमपुर की उत्कर्ष आंगन कॉलोनी के निवासी थे।
पीथमपुर हादसा कहाँ और कब हुआ?
यह हादसा 22 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के पीथमपुर में महू-नीमच राजमार्ग पर सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास महेंद्र पुल के निकट हुआ। यह क्षेत्र सेक्टर-1 पुलिस थाने के अंतर्गत आता है।
ट्रॉली चालक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
हादसे के बाद ट्रॉली चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने क्या किया?
परिवार के सदस्यों और स्थानीय निवासियों ने मृतक बच्चों में से एक का शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे महू-नीमच राजमार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल हटाने के बाद यातायात बहाल किया गया।
तीनों बच्चे उस समय मोटरसाइकिल पर क्यों थे?
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रियांश गुरुवार को स्कूल नहीं गया था। दोपहर में कक्षाएँ खत्म होने के बाद वह अपने छोटे भाई और चचेरी बहन को स्कूल से घर लाने के लिए मोटरसाइकिल से गया था, और लौटते समय ट्रॉली ने उन्हें टक्कर मार दी।
राष्ट्र प्रेस
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