पीथमपुर सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रॉली की टक्कर में दो सगे भाई और चचेरी बहन की मौत
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के औद्योगिक नगर पीथमपुर में 22 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई — जिनमें दो सगे भाई और उनकी चचेरी बहन शामिल थे। महू-नीमच राजमार्ग पर सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास महेंद्र पुल के निकट एक तेज रफ्तार ट्रॉली ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी, जिससे तीनों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार यह हादसा सेक्टर-1 पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान कक्षा 9 के छात्र प्रियांश, कक्षा 5 में पढ़ने वाले उनके छोटे भाई मोक्ष, और कक्षा 7 की छात्रा उनकी चचेरी बहन आरुषि के रूप में हुई है। तीनों बच्चे पीथमपुर की उत्कर्ष आंगन कॉलोनी के निवासी थे।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रियांश गुरुवार को स्कूल नहीं गया था। दोपहर में कक्षाएँ समाप्त होने के बाद वह अपने छोटे भाई और चचेरी बहन को घर लाने के लिए मोटरसाइकिल पर निकला था। तीनों जब वापस लौट रहे थे, तभी सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास एक तेज रफ्तार ट्रॉली ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों की मौके पर ही जान चली गई।
स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन
हादसे की खबर फैलते ही परिवार के सदस्य और स्थानीय निवासी दुर्घटनास्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने मृतक बच्चों में से एक का शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे महू-नीमच राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थानीय निवासियों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद एक टीम मौके पर पहुँची। शवों को पोस्टमार्टम के लिए पीथमपुर सिविल अस्पताल भेजा गया और परिवारों को सूचित किया गया।
चालक फरार, मामला दर्ज
पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद ट्रॉली चालक मौके से फरार हो गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे ढूंढने और गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
जाँच जारी, यातायात बहाल
क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल को सड़क से हटाने के बाद महू-नीमच राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की जाँच जारी है। गौरतलब है कि पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही सड़क सुरक्षा के लिए लगातार चुनौती बनी रहती है — यह हादसा उसी गंभीर समस्या की ओर एक बार फिर ध्यान दिलाता है।