21 अक्टूबर 2026
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पुलिस स्मृति दिवस: राजनाथ सिंह, खड़गे सहित नेताओं ने शहीद पुलिसकर्मियों को अर्पित की श्रद्धांजलि

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पुलिस स्मृति दिवस: राजनाथ सिंह, खड़गे सहित नेताओं ने शहीद पुलिसकर्मियों को अर्पित की श्रद्धांजलि

सारांश

पुलिस स्मृति दिवस पर सत्ता और विपक्ष एक साथ — राजनाथ सिंह से मल्लिकार्जुन खड़गे तक सभी ने शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया। CM विजय ने 1959 में लद्दाख में शहीद CRPF के 10 जवानों की ऐतिहासिक गाथा को याद दिलाया।

मुख्य बातें

21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस पर देशभर में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर पुलिसकर्मियों की 'अमूल्य सेवा' और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने 1959 में लद्दाख में शहीद CRPF के 10 जवानों के बलिदान को याद किया।
पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है — इसी तारीख को 1959 में CRPF के जवान लद्दाख में शहीद हुए थे।

पुलिस स्मृति दिवस पर 21 अक्टूबर 2026 को देश के प्रमुख नेताओं ने एकजुट होकर शहीद पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

रक्षा मंत्री की श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'पुलिस स्मृति दिवस पर मैं राष्ट्र के लिए पुलिसकर्मियों की अमूल्य सेवा के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त करता हूं।' उन्होंने आगे कहा कि नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कानून का पालन कराने के प्रति पुलिसकर्मियों का साहस और समर्पण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सिंह ने उन बहादुर कर्मियों को भी अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

BJP और कांग्रेस का एकस्वर में सम्मान

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'हम उन बहादुर पुलिसकर्मियों को अपनी गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।' उन्होंने शहीद नायकों के परिवारों के साथ एकजुटता जताते हुए पूरे पुलिस बल के साहस, समर्पण और देशभक्ति को सलाम किया। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर लिखा, 'हम अपने पुलिस बलों के उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं को नमन करते हैं, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।'

खड़गे ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर नागरिकों की सुरक्षा करने और संकट के समय अडिग खड़े रहने तक, पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस, निस्वार्थ सेवा और कर्तव्य-बोध के लिए उनके प्रति गहरा आभार और सम्मान है। यह उल्लेखनीय है कि सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों ने इस अवसर पर एक समान भाव से श्रद्धांजलि अर्पित की।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने याद दिलाया 1959 का इतिहास

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने एक्स पर लिखा कि पुलिस स्मृति दिवस 1959 में लद्दाख सीमा क्षेत्र में मातृभूमि की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर करने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवानों के ऐतिहासिक बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि ये जवान देश में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नेक कार्य में अपने बहुमूल्य जीवन का बलिदान दे गए। गौरतलब है कि इसी घटना की स्मृति में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री विजय ने यह भी कहा कि पुलिस कर्मियों का समर्पण वास्तव में सराहनीय है — वे प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं, आपराधिक घटनाओं और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए पूरी बहादुरी और सतर्कता से अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं।

पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व

यह दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों की स्मृति में मनाया जाता है जिन्होंने कर्तव्य-पालन के दौरान अपने प्राण गंवाए। 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में CRPF के 10 जवान चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे। तब से यह तारीख राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के रूप में स्थापित है और पूरे देश में पुलिस बलों द्वारा श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए जाते हैं।

आगे का रास्ता

इस वर्ष के पुलिस स्मृति दिवस पर विभिन्न दलों के नेताओं की एकजुट श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण है कि पुलिस बल की सेवा और बलिदान राजनीतिक सीमाओं से परे राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बना हुआ है। आने वाले दिनों में विभिन्न राज्यों में स्थानीय स्तर पर भी स्मृति समारोह आयोजित होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि इन बयानों के साथ ठोस नीतिगत प्रतिबद्धताएँ बहुत कम सामने आती हैं। शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए मुआवज़ा, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसे मुद्दे अक्सर स्मृति दिवस की भाषणबाज़ी के बाद पृष्ठभूमि में चले जाते हैं। वर्दी में सेवारत पुलिसकर्मियों पर कार्यभार और जोखिम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जबकि बजटीय प्रावधान और जनबल की कमी जैसी संरचनात्मक चुनौतियाँ अनसुलझी हैं। श्रद्धांजलि की भावना तभी सार्थक होगी जब नीतिगत स्तर पर पुलिस बल के कल्याण को वही प्राथमिकता मिले जो मंच पर दिए गए वादों में दिखती है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलिस स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है?
पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में CRPF के 10 जवान चीनी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए थे। यह दिन उन सभी पुलिसकर्मियों की स्मृति को समर्पित है जिन्होंने कर्तव्य-पालन में अपने प्राण गंवाए।
21 अक्टूबर 2026 को किन नेताओं ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने एक्स पर पोस्ट कर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इन सभी ने पुलिस बल के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
1959 में लद्दाख में CRPF के कितने जवान शहीद हुए थे?
1959 में लद्दाख सीमा क्षेत्र में मातृभूमि की रक्षा करते हुए CRPF के 10 जवान शहीद हुए थे। इसी ऐतिहासिक बलिदान की स्मृति में 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पुलिस स्मृति दिवस पर क्या कहा?
राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पुलिसकर्मियों का साहस और समर्पण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर कर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
तमिलनाडु के CM विजय ने पुलिस स्मृति दिवस पर क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री विजय ने 1959 में लद्दाख में शहीद CRPF के 10 जवानों के बलिदान को याद करते हुए पुलिस बल के समर्पण को 'वास्तव में सराहनीय' बताया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी प्राकृतिक आपदाओं से लेकर आपराधिक घटनाओं तक हर चुनौती में बहादुरी और सतर्कता से अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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