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19वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन कोलकाता में, 7–9 जनवरी 2027 को PM मोदी करेंगे उद्घाटन

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19वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन कोलकाता में, 7–9 जनवरी 2027 को PM मोदी करेंगे उद्घाटन

सारांश

कोलकाता इस बार भारतीय डायस्पोरा के सबसे बड़े वार्षिक समागम का मेज़बान बनेगा। 7–9 जनवरी 2027 को होने वाले 19वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन PM मोदी करेंगे और राष्ट्रपति मुर्मु प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार देंगी — यह आयोजन 2003 से चली आ रही डायस्पोरा कूटनीति की अगली कड़ी है।

मुख्य बातें

19वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 7 से 9 जनवरी 2027 तक कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आयोजित होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे; विदेश मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार संयुक्त आयोजक हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी और प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान करेंगी।
इस बार विशेष युवा प्रवासी भारतीय दिवस खंड भी शामिल किया जाएगा।
यह सम्मेलन 2003 में शुरू हुआ था; 2015 से यह हर दो साल में एक बार आयोजित होता है।
महात्मा गांधी के 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 जनवरी 2027 को कोलकाता में 19वें प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे, जो 7 से 9 जनवरी 2027 तक पश्चिम बंगाल की राजधानी में आयोजित होगा। यह सम्मेलन विदेश मंत्रालय (MEA) और पश्चिम बंगाल सरकार के संयुक्त तत्वावधान में होगा। महात्मा गांधी के 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की ऐतिहासिक स्मृति में यह आयोजन प्रतिवर्ष मनाया जाता है।

सम्मेलन में क्या होगा खास

अधिकारियों के अनुसार, इस बार के सम्मेलन में एक विशेष युवा प्रवासी भारतीय दिवस खंड भी शामिल किया जाएगा। इस आयोजन में दुनिया भर से भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य, युवा प्रवासी नेता, कारोबारी, पेशेवर, शिक्षाविद और इनोवेटर्स भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पंजीकरण और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी शीघ्र साझा की जाएगी।

राष्ट्रपति मुर्मु देंगी प्रवासी सम्मान पुरस्कार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी और प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह पुरस्कार किसी अनिवासी भारतीय (NRI), भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) या उनके द्वारा संचालित संगठन को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। विदेश में भारत की छवि को बेहतर बनाने, भारत से जुड़े मुद्दों का समर्थन करने और स्थानीय भारतीय समुदाय के कल्याण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया जाता है।

सम्मेलन का इतिहास और बदलता स्वरूप

प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की नींव 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में रखी गई थी। इसका उद्देश्य विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के साथ सरकार के रिश्तों को प्रगाढ़ करना और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देना था। 2015 में विदेश मंत्रालय ने इसके प्रारूप में बदलाव किया — तब से यह सम्मेलन हर दो साल में एक बार आयोजित होता है, जबकि बीच के वर्षों में विशेष विषयों पर केंद्रित छोटे सम्मेलन होते हैं।

प्रवासी समुदाय से संबंध और महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार अपनी डायस्पोरा कूटनीति को व्यापक रूप से सक्रिय कर रही है। गौरतलब है कि विश्व भर में करोड़ों भारतीय मूल के लोग बसे हैं, जो न केवल विदेशी मुद्रा प्रेषण में बल्कि प्रौद्योगिकी, व्यापार और राजनीतिक प्रभाव के क्षेत्र में भी भारत के वैश्विक कद को मजबूती देते हैं। पिछले कई वर्षों में यह सम्मेलन ज्ञान, दक्षता और अनुभव के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।

आगे क्या होगा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, किसी भी अतिरिक्त जानकारी के लिए संबंधित भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया जा सकता है। कोलकाता में होने वाला यह 19वां संस्करण पूर्ववर्ती आयोजनों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए भारत और उसके वैश्विक समुदाय के बीच संबंधों को नई ऊँचाई देने का प्रयास करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ BJP और TMC के बीच तनातनी जगज़ाहिर है। दूसरी ओर, PBD सम्मेलन की असली परीक्षा यह है कि क्या यह आयोजन प्रवासी समुदाय के ठोस निवेश और कौशल-हस्तांतरण को बढ़ावा देता है, या केवल एक भव्य नेटवर्किंग आयोजन बनकर रह जाता है। पिछले दो दशकों में इन सम्मेलनों ने डायस्पोरा के साथ भावनात्मक जुड़ाव तो बनाया है, लेकिन मापनीय आर्थिक परिणामों का लेखा-जोखा अब भी अधूरा है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

19वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन कब और कहाँ होगा?
19वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 7 से 9 जनवरी 2027 तक कोलकाता, पश्चिम बंगाल में आयोजित होगा। इसका संयुक्त आयोजन विदेश मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार करेंगे।
प्रवासी भारतीय दिवस क्यों मनाया जाता है?
प्रवासी भारतीय दिवस महात्मा गांधी के 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की स्मृति में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के साथ संबंध मजबूत करना और उनके योगदान को मान्यता देना है।
प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार क्या है और कौन देता है?
यह NRI, PIO या उनके द्वारा संचालित संगठनों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सरकारी सम्मान है। 2027 के सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु यह पुरस्कार प्रदान करेंगी और समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन कितने समय में एक बार होता है?
2015 से विदेश मंत्रालय ने प्रारूप बदलकर इसे हर दो साल में एक बार आयोजित करने का निर्णय लिया। बीच के वर्षों में विशेष विषयों पर केंद्रित छोटे सम्मेलन होते हैं।
इस सम्मेलन में कौन भाग ले सकता है?
दुनिया भर के भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य, युवा प्रवासी नेता, कारोबारी, पेशेवर, शिक्षाविद और इनोवेटर्स इस सम्मेलन में भाग ले सकते हैं। पंजीकरण और विस्तृत जानकारी शीघ्र जारी की जाएगी; अधिक जानकारी के लिए स्थानीय भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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