क्या पंजाब कबड्डी टूर्नामेंट में गोलीबारी मामले में विदेशी हैंडलर के रिश्तेदार सहित दो शूटर गिरफ्तार हुए?

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क्या पंजाब कबड्डी टूर्नामेंट में गोलीबारी मामले में विदेशी हैंडलर के रिश्तेदार सहित दो शूटर गिरफ्तार हुए?

सारांश

पंजाब पुलिस ने कबड्डी टूर्नामेंट में गोलीबारी के मामले में विदेशी हैंडलर के रिश्तेदार सहित दो मुख्य शूटरों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक बड़ी बहु-राज्यीय ऑपरेशन का परिणाम है, जिसमें कई पुलिस एजेंसियों ने सहयोग किया। क्या यह मामला संगठित अपराध के बढ़ते प्रभाव की ओर संकेत करता है?

Key Takeaways

  • पंजाब पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
  • गिरफ्तारी एक बहु-राज्यीय ऑपरेशन का परिणाम है।
  • दो मुख्य शूटरों को गिरफ्तार किया गया है।
  • इस घटना से संगठित अपराध की गंभीरता का पता चलता है।
  • पुलिस की जांच जारी है।

चंडीगढ़, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने कबड्डी प्रमोटर कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बालाचौरिया हत्या मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो मुख्य शूटर हैं।

यह गिरफ्तारी पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में चलाए गए इंटेलिजेंस-आधारित बहु-राज्यीय ऑपरेशन के परिणामस्वरूप हुई। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमृतसर के निवासी करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर, लुधियाना के बरहेवाल के निवासी तरनदीप सिंह और तरनतारन के उपला के निवासी आकाशदीप के रूप में हुई है। करण और तरनदीप को मुख्य शूटर माना जा रहा है, जबकि आकाशदीप विदेश में बैठे हैंडलर अमर खबे राजपूता का करीबी रिश्तेदार है, जिसने शूटरों को पनाह और लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया। गिरफ्तारी में सिक्किम पुलिस, मुंबई पुलिस, पश्चिम बंगाल एसटीएफ, केंद्रीय एजेंसियों और हावड़ा की स्थानीय पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों को पंजाब लाया जा रहा है और आगे की पूछताछ जारी है। मामले का संपूर्ण खुलासा करने के लिए अन्य सहयोगियों की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास तेज हो गए हैं। डीआईजी एजीटीएफ गुरमीत सिंह चौहान ने ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि हत्या के बाद एजीटीएफ ने तुरंत जांच शुरू की, क्योंकि संगठित अपराध, गैंगवार और विदेशी हैंडलर्स के शामिल होने के स्पष्ट संकेत थे। बड़े पैमाने पर सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर अपराध से पहले और बाद की गतिविधियों को पुनः स्थापित किया गया, प्रयुक्त वाहनों की पहचान की गई और पानीपत टोल तक भागने का रास्ता ट्रेस किया गया।

आरोपियों के डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए टीम मुंबई, बेंगलुरु, सिलीगुड़ी, सिक्किम, गंगटोक और कोलकाता तक पहुंची। डीएसपी राजन परमिंदर के नेतृत्व वाली टीम ने कोलकाता एसटीएफ की सहायता से हावड़ा से उन्हें गिरफ्तार किया। दोनों शूटरों का आपराधिक इतिहास है और जांच जारी है।

पीड़ित राणा बालाचौरिया की हत्या 15 दिसंबर 2025 को सास नगर के सोहाना में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हुई थी। हमलावरों ने सेल्फी के बहाने पास आकर गोलीबारी की। अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें पहले ऐशदीप सिंह और दविंदर शामिल हैं। एक आरोपी, हरपिंदर सिंह उर्फ मिड्डू को दिसंबर में मुठभेड़ में मार गिराया गया था।

Point of View

बल्कि पूरे देश में संगठित अपराध की गंभीरता को उजागर करती है। पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें इस तरह की घटनाओं से जागरूक रहना चाहिए और समाज में सुरक्षा की स्थिति को मजबूत करना चाहिए।
NationPress
13/01/2026

Frequently Asked Questions

कबड्डी टूर्नामेंट में गोलीबारी कब हुई?
यह घटना 15 दिसंबर 2025 को सास नगर के सोहाना में हुई थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान क्या है?
आरोपियों की पहचान करण पाठक, तरनदीप सिंह और आकाशदीप के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी में कौन-कौन सी पुलिस एजेंसियों ने सहयोग किया?
गिरफ्तारी में सिक्किम पुलिस, मुंबई पुलिस, पश्चिम बंगाल एसटीएफ और केंद्रीय एजेंसियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी हैं?
जी हां, इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या गिरफ्तार शूटरों का कोई आपराधिक इतिहास है?
हां, दोनों शूटरों का आपराधिक बैकग्राउंड है।
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