क्या राहुल गांधी के नेतृत्व में 'वोटर अधिकार यात्रा' ने देश और बिहार का माहौल बदला?

सारांश
Key Takeaways
- वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य चुनावी धांधली के खिलाफ जागरूकता फैलाना है।
- राहुल गांधी के नेतृत्व में यात्रा ने पूरे देश का माहौल बदलने का दावा किया गया है।
- दानिश अली ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- आंदोलन उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी फैलने की संभावना है।
- भाजपा और आरएसएस के बयानों पर जनता की प्रतिक्रिया जोरों पर है।
पटना, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। इंडिया गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' का समापन सोमवार को बिहार की राजधानी पटना में होने जा रहा है। इस यात्रा में देशभर के इंडिया गठबंधन के नेता एकजुट हुए हैं। इसी सिलसिले में पटना पहुंचे कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद दानिश अली ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रारंभ हुई इस यात्रा ने पूरे देश का माहौल बदल दिया है। अब यह स्पष्ट हो चुका है कि मौजूदा सरकार 'वोट चोरी' के दम पर सत्ता में आई है। यह जनता के साथ किया गया सबसे बड़ा धोखा है।
दानिश अली ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मुझे शुरू से शक था कि मैं वोट चोरी की वजह से चुनाव हारा। अंतिम राउंड में यह शक यकीन में बदल गया। यह वोट चोरों की सरकार है।"
उन्होंने कहा कि वोट चोरी के खिलाफ पूरे देश में एक आंदोलन खड़ा हो चुका है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में लोग बिहार के इस आंदोलन से प्रेरित होकर इसे वहां ले जाने का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान, "अवध जीत लिया, अब मगध की बारी है" पर प्रतिक्रिया देते हुए दानिश अली ने कहा, "अवध जीता था, अब मगध की बारी है। इसके बाद दिल्ली की बारी होगी। अखिलेश यादव का बयान इंडिया गठबंधन की रणनीति और आत्मविश्वास को दर्शाता है।"
दानिश अली ने कहा, "भाजपा, आरएसएस और गृह मंत्री के बयान उनके संस्कारों को दर्शाते हैं। बिहार और देश की जनता देख रही है कि ये लोग किस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। जनता ने भाजपा को सबक सिखाने का मन बना लिया है। आने वाले दिनों में इन लोगों का सफाया तय है।