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क्या राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं?

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क्या राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं?

सारांश

अयोध्या में एक कश्मीरी व्यक्ति द्वारा मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश ने देश में विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना की कड़ी निंदा की गई है और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की वजहें।

मुख्य बातें

अयोध्या में नमाज पढ़ने की कोशिश की गई थी।
यूनाईटेड हिंदू फ्रंट ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
आरोपी पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
सुरक्षा संबंधी चूक पर सवाल उठाए गए हैं।
देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में एक कश्मीरी व्यक्ति द्वारा नमाज पढ़ने की कोशिश की घटना ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। इस घटना को यूनाईटेड हिंदू फ्रंट ने कड़ी निंदा की है और इसे करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की भावनाओं पर हमला करार दिया है। फ्रंट ने आरोपी पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

घटना शनिवार को हुई, जब एक 55 वर्षीय कश्मीरी व्यक्ति, अब्दुल अहद शेख (या अहमद शेख) मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने का प्रयास कर रहा था। सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोका, जिस पर उसने कथित तौर पर धार्मिक नारे लगाए। व्यक्ति को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में उसके पास काजू-किशमिश मिले और उसने बताया कि वह अजमेर जा रहा था। पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसकी मंशा और पृष्ठभूमि की जांच कर रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में परिवार ने दावा किया है कि व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है।

यूनाईटेड हिंदू फ्रंट के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा, "श्रीराम मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और अस्मिता का प्रतीक है। कड़ी सुरक्षा के बावजूद इस तरह की असंवैधानिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यह सुनियोजित उकसावा लगता है, जो देश में शांति बिगाड़ने की मंशा से किया गया है।"

गोयल ने सुरक्षा तंत्र पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषी पर कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार से मंदिर की सुरक्षा को सुदृढ़ करने और 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने की अपील की। फ्रंट ने देशवासियों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की।

गोयल ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, "6 दिसंबर 1996 को जामा मस्जिद के इमाम बुखारी ने अयोध्या में नमाज पढ़ने की धमकी दी थी, तब हमने जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़कर जवाब दिया था। अगर 120 करोड़ सनातनी मस्जिदों में हनुमान चालीसा पढ़ने लगें, तो जिहादी मानसिकता वालों का क्या होगा?"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी धर्मों और समुदायों के प्रति संवेदनशील रहें। श्रीराम मंदिर भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, और इसे सभी का सम्मान प्राप्त होना चाहिए। हमें इस तरह की घटनाओं का समाधान शांति और संवाद के माध्यम से करना चाहिए।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस घटना से धार्मिक तनाव बढ़ सकता है?
इस घटना के बाद धार्मिक तनाव की आशंका बढ़ी है, लेकिन सभी पक्षों को मिलकर शांति बनाए रखने की आवश्यकता है।
क्या आरोपी को गिरफ्तार किया गया?
हाँ, आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया और उसकी जांच जारी है।
क्या यह घटना सुनियोजित थी?
कुछ नेताओं का मानना है कि यह घटना सुनियोजित उकसावे का परिणाम है, लेकिन इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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