क्या रियासी पुलिस ने अवैध खैर लकड़ी तस्करी पर बड़ा प्रहार किया?
सारांश
Key Takeaways
- रियासी जिले में अवैध लकड़ी तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
- 7 क्विंटल खैर की लकड़ी जब्त की गई।
- पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
- अवैध तस्करी से पर्यावरण को नुकसान पहुँच सकता है।
- पुलिस की सतर्कता से इस तरह के प्रयास बार-बार विफल हो रहे हैं।
रियासी, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पुलिस और वन विभाग की एक संयुक्त टीम ने अवैध लकड़ी तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया। 10 और 11 जनवरी की रात को तहसील कटरा के मघाल क्षेत्र में लगभग 7 क्विंटल खैर की लकड़ी जब्त की गई।
पुलिस स्टेशन कटरा को मिली विशेष जानकारी के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग रेंज कटरा के अधिकारियों के साथ मिलकर जांच में रजिस्ट्रेशन नंबर जेके20बी-1649 वाली महिंद्रा गाड़ी में लदी अवैध खैर की लकड़ी के लट्ठे बरामद हुए। गाड़ी चला रहे मदन लाल, पुत्र मणि राम, निवासी कंदियार, तहसील कटरा, से पूछताछ की गई। आरोपी कोई वैध ट्रांसपोर्ट परमिट या लकड़ी के स्रोत का प्रमाण नहीं दे सका।
खैर की लकड़ी अत्यधिक मूल्यवान होती है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से कत्था बनाने में किया जाता है। इसकी अवैध कटाई और तस्करी से जंगलों को भारी नुकसान पहुंचता है और जैव विविधता खतरे में पड़ती है। पिछले कुछ वर्षों में रियासी, उधमपुर और कठुआ जिलों में खैर की अवैध कटाई के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता से ऐसे प्रयास बार-बार विफल हो रहे हैं।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व एसएचओ कटरा इंस्पेक्टर रंजीत सिंह राव ने किया, जबकि पूरी कार्रवाई एसडीपीओ कटरा डॉ. भीष्म दुबे, जेकेपीएस और एसपी कटरा विपन चंद्रन, जेकेपीएस की कड़ी निगरानी में संपन्न हुई। आरोपी को जब्त गाड़ी और लकड़ी के साथ पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उसके खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम 1980 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसएसपी रियासी परमवीर सिंह, जेकेपीएस ने इस सफलता पर संतोष जताते हुए कहा, "जिला पुलिस रियासी जंगलों और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। अवैध लकड़ी तस्करी, खनन और अन्य पर्यावरण विरोधी गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ हमारी कार्रवाई लगातार और सख्त रहेगी।"