23 अक्टूबर 2026
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यूपी की 'बीमारू' छवि साढ़े 9 वर्षों में समाप्त, विकास के नए कीर्तिमान: CM योगी आदित्यनाथ

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यूपी की 'बीमारू' छवि साढ़े 9 वर्षों में समाप्त, विकास के नए कीर्तिमान: CM योगी आदित्यनाथ

सारांश

CM योगी आदित्यनाथ का दावा — साढ़े 9 वर्षों में UP 'बीमारू' से 'ब्रेकथ्रू स्टेट' बन गया। लखनऊ में 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी से साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ। सपा-युग के 'परिवारवाद और माफियाराज' पर तीखा हमला बोलते हुए योगी ने मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 23 अक्टूबर 2026 को कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले साढ़े 9 वर्षों में 'बीमारू' छवि पूरी तरह समाप्त कर दी है।
राज्य 'बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट' बनने की ऐतिहासिक यात्रा तय कर चुका है — यह दावा मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट में किया।
लखनऊ में केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में 8 राज्यों व 4 केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता से दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ हो रहा है।
योगी ने 2017 से पूर्व की सपा सरकार पर 'परिवारवाद, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और माफियाराज' के आरोप लगाए।
मिशन कर्मयोगी और 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' को प्रशासनिक सुधार के मुख्य स्तंभ बताया गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अक्टूबर 2026 को कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी 'बीमारू' छवि को पूरी तरह समाप्त कर दिया है और राज्य 'बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट' बनने की ऐतिहासिक यात्रा तय कर चुका है। यह बयान लखनऊ में शुक्रवार से शुरू होने वाले दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 से ठीक पहले आया है।

मुख्यमंत्री का बयान और सपा पर निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'प्रशासन की सार्थकता जनमानस के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन से सिद्ध होती है और इस परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण संवाहक हमारे लोक सेवक हैं।' उन्होंने 2017 से पूर्व की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन प्रदेश सरकार की 'बीमार मानसिकता, परिवारवाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार' ने राज्य की प्रशासनिक दक्षता और कार्यसंस्कृति को गंभीर रूप से प्रभावित किया था।

योगी ने आरोप लगाया कि 'अपराध, माफियाराज, नीतिगत उदासीनता और पहचान के संकट ने प्रदेश की असीम संभावनाओं पर ग्रहण लगा रखा था।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के लिए एक अहम एजेंडा बनने लगी हैं।

मिशन कर्मयोगी और डबल इंजन सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार 'मिशन कर्मयोगी' जैसी पहल के ज़रिए देश की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को नई दिशा दे रही है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश अपनी प्रशासनिक, आर्थिक और संस्थागत संरचना को पुनर्परिभाषित करते हुए विकास के नित्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लखनऊ में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में 8 राज्यों एवं 4 केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता से दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ हो रहा है। यह आयोजन 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' की भावना के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता-निर्माण को समर्पित है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ

मुख्यमंत्री के इस बयान पर सपा और विपक्षी दलों की आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल सामने नहीं आई। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि 'बीमारू' से 'ब्रेकथ्रू' की इस यात्रा के दावों को ज़मीनी रोज़गार, कानून-व्यवस्था और किसानों की आय जैसे ठोस मानकों पर परखा जाना अभी बाकी है। यह बयान मुख्यमंत्री द्वारा अपनी सरकार की उपलब्धियों को जन-मानस तक पहुँचाने के व्यापक प्रयासों की कड़ी है।

आगे की राह

क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 के समापन के बाद प्रशासनिक सुधार की दिशा में नई सिफारिशें सामने आने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने 'विकसित भारत' के निर्माण में उत्तर प्रदेश की 'अग्रणी भूमिका' का संकल्प दोहराते हुए इस आयोजन को राज्य के सुशासन एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे ज़मीनी आँकड़ों की कसौटी पर परखा जाना ज़रूरी है — रोज़गार दर, प्रति व्यक्ति आय और कानून-व्यवस्था के स्वतंत्र सूचकांकों पर उत्तर प्रदेश की स्थिति अभी भी राष्ट्रीय औसत से पीछे है। साधना शृंखला जैसे प्रशिक्षण आयोजन नौकरशाही को दिशा देने की सही सोच हैं, लेकिन इनका वास्तविक प्रभाव तभी दिखता है जब लोक सेवकों को जवाबदेह बनाने की व्यवस्था मज़बूत हो। 2027 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में यह बयान रणनीतिक रूप से तय समय पर आया है, और मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि 'बीमारू' की परिभाषा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक भी है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी आदित्यनाथ ने 'बीमारू छवि समाप्त' का दावा क्यों किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि साढ़े 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने 'बीमारू' राज्य की छवि पूरी तरह समाप्त कर दी है। यह बयान लखनऊ में क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 के शुभारंभ से पहले आया और इसमें 2017 से पूर्व की सपा सरकार की नीतियों पर भी तीखा हमला बोला गया।
क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 क्या है और इसमें कौन भाग ले रहा है?
क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 एक दो दिवसीय प्रशासनिक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम है जो लखनऊ में आयोजित हो रहा है। इसमें 8 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता है तथा केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह इसमें उपस्थित रहेंगे।
मिशन कर्मयोगी क्या है जिसका योगी ने उल्लेख किया?
मिशन कर्मयोगी केंद्र सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य सिविल सेवकों की क्षमता और कार्यसंस्कृति को बेहतर बनाना है। CM योगी ने इसे 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' की भावना से जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक सुधारों का आधार बताया।
योगी ने सपा सरकार पर क्या आरोप लगाए?
CM योगी ने कहा कि 2017 से पूर्व की सपा सरकार में 'परिवारवाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार' को प्राथमिकता दी गई, जिससे प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता गंभीर रूप से प्रभावित हुई। उन्होंने 'अपराध, माफियाराज और नीतिगत उदासीनता' को राज्य की संभावनाओं पर 'ग्रहण' बताया।
उत्तर प्रदेश को 'बीमारू राज्य' क्यों कहा जाता था?
'बीमारू' शब्द बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पहले अक्षरों से बना है और इन राज्यों की पिछड़ी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को दर्शाता था। CM योगी का दावा है कि साढ़े 9 वर्षों के शासन में उत्तर प्रदेश ने इस पहचान को बदल दिया है, हालाँकि आलोचकों का कहना है कि इस दावे को स्वतंत्र आर्थिक मानकों पर जाँचना अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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