यूपी की 'बीमारू' छवि साढ़े 9 वर्षों में समाप्त, विकास के नए कीर्तिमान: CM योगी आदित्यनाथ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अक्टूबर 2026 को कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी 'बीमारू' छवि को पूरी तरह समाप्त कर दिया है और राज्य 'बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट' बनने की ऐतिहासिक यात्रा तय कर चुका है। यह बयान लखनऊ में शुक्रवार से शुरू होने वाले दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 से ठीक पहले आया है।
मुख्यमंत्री का बयान और सपा पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'प्रशासन की सार्थकता जनमानस के जीवन में आने वाले सकारात्मक परिवर्तन से सिद्ध होती है और इस परिवर्तन के सबसे महत्वपूर्ण संवाहक हमारे लोक सेवक हैं।' उन्होंने 2017 से पूर्व की समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तत्कालीन प्रदेश सरकार की 'बीमार मानसिकता, परिवारवाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार' ने राज्य की प्रशासनिक दक्षता और कार्यसंस्कृति को गंभीर रूप से प्रभावित किया था।
योगी ने आरोप लगाया कि 'अपराध, माफियाराज, नीतिगत उदासीनता और पहचान के संकट ने प्रदेश की असीम संभावनाओं पर ग्रहण लगा रखा था।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ राजनीतिक दलों के लिए एक अहम एजेंडा बनने लगी हैं।
मिशन कर्मयोगी और डबल इंजन सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार 'मिशन कर्मयोगी' जैसी पहल के ज़रिए देश की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को नई दिशा दे रही है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश अपनी प्रशासनिक, आर्थिक और संस्थागत संरचना को पुनर्परिभाषित करते हुए विकास के नित्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लखनऊ में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में 8 राज्यों एवं 4 केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता से दो दिवसीय क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 का शुभारंभ हो रहा है। यह आयोजन 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' की भावना के अनुरूप प्रशासनिक क्षमता-निर्माण को समर्पित है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ
मुख्यमंत्री के इस बयान पर सपा और विपक्षी दलों की आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल सामने नहीं आई। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि 'बीमारू' से 'ब्रेकथ्रू' की इस यात्रा के दावों को ज़मीनी रोज़गार, कानून-व्यवस्था और किसानों की आय जैसे ठोस मानकों पर परखा जाना अभी बाकी है। यह बयान मुख्यमंत्री द्वारा अपनी सरकार की उपलब्धियों को जन-मानस तक पहुँचाने के व्यापक प्रयासों की कड़ी है।
आगे की राह
क्षेत्रीय साधना शृंखला-2026 के समापन के बाद प्रशासनिक सुधार की दिशा में नई सिफारिशें सामने आने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने 'विकसित भारत' के निर्माण में उत्तर प्रदेश की 'अग्रणी भूमिका' का संकल्प दोहराते हुए इस आयोजन को राज्य के सुशासन एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।