यूपी अब 'असेंबली से एआई' तक: योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण का लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में प्रदेश की तकनीकी और औद्योगिक यात्रा का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 'परिवारवाद' और 'माफियाकरण' ने उत्तर प्रदेश की असीम संभावनाओं को दशकों तक रोके रखा, जबकि पिछले साढ़े नौ वर्षों में 'डबल इंजन सरकार' ने प्रदेश को तकनीक के उपभोक्ता से निर्माता में बदल दिया है।
उत्तर प्रदेश की तकनीकी उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री योगी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि आज देश में करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि जेवर में ₹3,706 करोड़ की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन की चिप इकाई स्थापित की जा रही है।
इसके अलावा, प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। 24,000 से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न उत्तर प्रदेश के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम की मज़बूती को दर्शाते हैं।
पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप
योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को जानबूझकर 'बीमारू' बनाए रखने की राजनीति की गई। उनके अनुसार, उस दौर में 'सैफई महोत्सव' को सांस्कृतिक उत्थान का प्रतीक बनाया गया और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण के विकल्प के रूप में बढ़ावा मिला।
उन्होंने कहा, 'जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार की और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण कैसे तैयार होगा।' यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को लक्षित मानी जा रही है, हालाँकि मुख्यमंत्री ने किसी पार्टी या व्यक्ति का नाम नहीं लिया।
एआई सिटी और युवाओं के लिए नई राह
योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब डेटा सेंटर से आगे बढ़कर 'एआई सिटी' की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। 'एआई-प्रज्ञा' कार्यक्रम के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने प्रदेश की यात्रा को 'मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप' तक का सफर बताया। उनके अनुसार, यह केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि युवाओं को नौकरी खोजने वाले से रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में एक रणनीतिक परिवर्तन है।
एचसीएल टेक का एक दशक और नया स्किलिंग केंद्र
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में वे सहभागिता करेंगे। इसी अवसर पर एचसीएल-जीयूवीआई इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ भी किया जाएगा।
एचसीएल टेक का लखनऊ में एक दशक पूरा होना प्रदेश के आईटी और तकनीकी क्षेत्र में निरंतर निवेश का प्रतीक माना जा रहा है। योगी ने 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि तकनीक, निवेश, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार ही 'नए उत्तर प्रदेश' की असली पहचान है।