6 अक्टूबर 2026
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यूपी अब 'असेंबली से एआई' तक: योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण का लगाया आरोप

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यूपी अब 'असेंबली से एआई' तक: योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण का लगाया आरोप

सारांश

योगी आदित्यनाथ का 'असेंबली से एआई तक' का दावा सिर्फ तकनीकी नहीं, राजनीतिक घोषणापत्र भी है — 60% मोबाइल उत्पादन, ₹3,706 करोड़ की चिप यूनिट और 10 लाख युवाओं को एआई से जोड़ने के लक्ष्य के साथ, उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण से प्रदेश को रोकने का सीधा आरोप लगाया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट में उत्तर प्रदेश को 'असेंबली से एआई तक' पहुँचाने का दावा किया।
उत्तर प्रदेश की देश के 60% मोबाइल फोन और 55% इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट उत्पादन में हिस्सेदारी का दावा।
जेवर में ₹3,706 करोड़ की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन चिप इकाई स्थापित होगी; 644 मेगावाट डेटा सेंटर प्रस्ताव मिले।
प्रदेश में 24,000 से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न ; 'एआई-प्रज्ञा' से 10 लाख युवाओं को तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य।
योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद और माफियाकरण से प्रदेश की प्रगति रोकने का आरोप लगाया।
लखनऊ में एचसीएल टेक के 10 वर्ष पूरे होने पर एचसीएल-जीयूवीआई इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ होगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में प्रदेश की तकनीकी और औद्योगिक यात्रा का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 'परिवारवाद' और 'माफियाकरण' ने उत्तर प्रदेश की असीम संभावनाओं को दशकों तक रोके रखा, जबकि पिछले साढ़े नौ वर्षों में 'डबल इंजन सरकार' ने प्रदेश को तकनीक के उपभोक्ता से निर्माता में बदल दिया है।

उत्तर प्रदेश की तकनीकी उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री योगी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि आज देश में करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि जेवर में ₹3,706 करोड़ की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन की चिप इकाई स्थापित की जा रही है।

इसके अलावा, प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। 24,000 से अधिक स्टार्टअप और 8 यूनिकॉर्न उत्तर प्रदेश के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम की मज़बूती को दर्शाते हैं।

पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप

योगी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को जानबूझकर 'बीमारू' बनाए रखने की राजनीति की गई। उनके अनुसार, उस दौर में 'सैफई महोत्सव' को सांस्कृतिक उत्थान का प्रतीक बनाया गया और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण के विकल्प के रूप में बढ़ावा मिला।

उन्होंने कहा, 'जब चिंता प्रदेश से अधिक परिवार की और निवेशक से अधिक अपराधियों की हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल वातावरण कैसे तैयार होगा।' यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से समाजवादी पार्टी के नेतृत्व को लक्षित मानी जा रही है, हालाँकि मुख्यमंत्री ने किसी पार्टी या व्यक्ति का नाम नहीं लिया।

एआई सिटी और युवाओं के लिए नई राह

योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब डेटा सेंटर से आगे बढ़कर 'एआई सिटी' की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। 'एआई-प्रज्ञा' कार्यक्रम के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने प्रदेश की यात्रा को 'मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप' तक का सफर बताया। उनके अनुसार, यह केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि युवाओं को नौकरी खोजने वाले से रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में एक रणनीतिक परिवर्तन है।

एचसीएल टेक का एक दशक और नया स्किलिंग केंद्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में वे सहभागिता करेंगे। इसी अवसर पर एचसीएल-जीयूवीआई इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ भी किया जाएगा।

एचसीएल टेक का लखनऊ में एक दशक पूरा होना प्रदेश के आईटी और तकनीकी क्षेत्र में निरंतर निवेश का प्रतीक माना जा रहा है। योगी ने 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि तकनीक, निवेश, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार ही 'नए उत्तर प्रदेश' की असली पहचान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वतंत्र सत्यापन के बिना इन्हें उपलब्धि के दावे के रूप में स्वीकार करना जल्दबाजी होगी। जेवर चिप यूनिट और एआई सिटी जैसे लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं, पर असली कसौटी यह है कि 10 लाख युवाओं को 'एआई-प्रज्ञा' से जोड़ने का दावा कितना सत्यापन-योग्य रोज़गार पैदा करता है — घोषणा और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई उत्तर प्रदेश में नई नहीं है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी ने 'असेंबली से एआई तक' से क्या आशय दिया है?
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की यात्रा को मोबाइल असेंबली से माइक्रोचिप निर्माण और अब एआई सिटी की दिशा में बढ़ते कदम के रूप में वर्णित किया है। उनके अनुसार प्रदेश अब तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बन रहा है।
जेवर में एचसीएल-फॉक्सकॉन चिप यूनिट क्या है और इसकी लागत कितनी है?
उत्तर प्रदेश के जेवर में ₹3,706 करोड़ की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन की सेमीकंडक्टर चिप इकाई स्थापित की जा रही है। यह भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है।
एआई-प्रज्ञा कार्यक्रम क्या है और इससे कितने युवाओं को फायदा होगा?
'एआई-प्रज्ञा' उत्तर प्रदेश सरकार का एक कार्यक्रम है जिसके तहत 10 लाख युवाओं को नई तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।
योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले की सरकारों ने 'परिवारवाद' को विकास का मॉडल बनाया, सैफई महोत्सव को सांस्कृतिक उत्थान का प्रतीक बनाया और माफियाकरण को औद्योगिकीकरण के विकल्प के रूप में बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि इसी कारण प्रदेश की असीम संभावनाओं का दोहन नहीं हो सका।
एचसीएल टेक का लखनऊ में 10 साल पूरे होने पर क्या होगा?
लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहभागिता करेंगे। इसी कार्यक्रम में 'एचसीएल-जीयूवीआई इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर' का शुभारंभ भी किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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