सहारनपुर में थार की डिवाइडर से टक्कर, 3 युवकों की मौत; आगरा से मसूरी जा रहे थे पाँचों
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 18 अक्टूबर 2026 की तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में 3 युवकों की मौके पर मौत हो गई और 2 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। नागल थाना क्षेत्र के बेलड़ा गोल चक्कर के पास नियंत्रण खोने के बाद एक थार ने डिवाइडर में जोरदार टक्कर मारी, जिससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पाँचों युवक आगरा से मसूरी घूमने निकले थे।
हादसे का घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, आगरा के रहने वाले पाँचों युवक शनिवार शाम साढ़े आठ से नौ बजे के बीच थार से मसूरी के लिए रवाना हुए थे। गाड़ी हेमंत चला रहा था। रात भर का सफर तय करते हुए जब वे नागल थाना क्षेत्र के बेलड़ा गोल चक्कर के पास पहुँचे, तो रविवार सुबह करीब 4 बजे थार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि थार के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में साहिल, राहुल और सक्षम की मौके पर ही मौत हो गई। सचिन वर्मा और हेमंत वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल का बयान
घायल सचिन वर्मा के अनुसार, जब उनकी आँख खुली तो वे खुद को सड़क पर पड़ा पाया। होश आने पर उन्हें पता चला कि थार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और उनके तीन साथियों की जान जा चुकी है। हादसे की सटीक वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
डॉक्टर की राय — नींद हो सकती है कारण
सहारनपुर के एसबीडी जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. शिवम गुप्ता ने बताया, 'रविवार सुबह 4 बजे अस्पताल में पाँच लोगों को लाया गया, जिनमें से तीन की मौत हो चुकी थी और दो गंभीर रूप से घायल थे। घायलों की हालत स्थिर है। ऐसा नहीं लगता कि इसमें शराब का कोई मामला है क्योंकि यह घटना सुबह 4 बजे हुई थी। हो सकता है कि ड्राइवर को नींद आ रही हो, जिसकी वजह से गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई।'
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही नागल थाना की पुलिस मौके पर पहुँची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। घायल सचिन वर्मा और हेमंत वर्मा को कार से बाहर निकालकर सहारनपुर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहाँ दोनों का उपचार जारी है। नागल थाना प्रभारी स्वयं अस्पताल पहुँचे और घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
हादसे की खबर मिलते ही आगरा में मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शवों को अपने कब्ज़े में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। हादसे का कारण जानने के लिए जाँच जारी है।
लंबी रात की यात्रा और सड़क सुरक्षा का सवाल
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब पहाड़ी पर्यटन स्थलों की ओर रात्रि यात्राओं में वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि रात भर की ड्राइविंग में नींद की झपकी एक बड़ा जोखिम है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य मार्गों पर इस तरह के हादसों में थकान और नींद प्रमुख कारण बताए जाते हैं। यह दुर्घटना एक बार फिर लंबी रात की यात्राओं में सतर्कता और आराम के महत्व को रेखांकित करती है।