जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों ने आईईडी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया
सारांश
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श्रीनगर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों द्वारा लगाए गए एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का सफलतापूर्वक पता लगाया और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी साझा की।
अधिकारियों ने बताया कि यह आईईडी शोपियां में जैनपोरा-चित्रगाम सड़क पर सुबह की नियमित सफाई के दौरान मिला था, और इसका उद्देश्य सुरक्षा बलों के वाहनों को निशाना बनाना था।
जैनपोरा-चित्रगाम सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात रुकने के बाद बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया, जिसने आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया।
आतंकवादी समूह अक्सर घर में बने बम या विनाशकारी उपकरणों का उपयोग करते हैं, जिन्हें आईईडी कहा जाता है। ये आमतौर पर पारंपरिक सैन्य घटकों, रासायनिक पदार्थों या छोड़े गए विस्फोटकों से बनाए जाते हैं।
आईईडी का उपयोग अक्सर अपरंपरागत युद्ध में किया जाता है, इन्हें सड़क किनारे या वाहनों में छिपा कर रखा जाता है। इनमें एक स्विच, डेटोनेटर, चार्ज (विस्फोटक) और कंटेनर शामिल होते हैं। ये छोटे पाइप बम से लेकर बड़े वाहन-जनित आईईडी (वीबीआईईडी) तक हो सकते हैं।
ये विस्फोटक सड़कों के किनारे, पुलियों में या सतहों के नीचे दबे हुए पाए जाते हैं और सुरक्षा बलों तथा आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बनते हैं।
बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) इन खतरों को बेअसर करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा अक्सर तैनात किए जाते हैं।
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा लगाए गए विस्फोटकों की खोज के लिए सेना और अन्य सुरक्षा बलों के सड़क खोलने वाले दल (आरओपी) सूर्योदय के तुरंत बाद निकलते हैं। इस अभ्यास को 'सफाई अभियान' कहा जाता है और यह सुरक्षा बलों के वाहनों, वीआईपी काफिलों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।